EV एंटी-स्मॉग गन से दिल्ली में बनेगा क्लीन एयर कॉरिडोर

दिल्ली में प्रदूषण घटाने के लिए हाईटेक “मेड इन इंडिया” समाधान
जनता को स्वच्छ हवा देने के लिए सीएम रेखा गुप्ता का निरीक्षण अभियान
दिल्ली की हवा होगी साफ: नई तकनीकों का जमीनी परीक्षण शुरू
दिल्ली सरकार का बड़ा अभियान: सालभर चलेगी प्रदूषण के खिलाफ जंग

 

ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली की जनता को स्वच्छ और शुद्ध वायु प्रदान करने के उद्देश्य के साथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने आज दिल्ली की सड़कों पर तैनात उन्नत “मेड इन इंडिया” (Made in India) वायु शुद्धीकरण तकनीकों का व्यापक और गहराई से निरीक्षण किया। यह कदम दिल्ली सरकार की उस मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो केवल सर्दियों तक सीमित न होकर पूरे वर्ष चलने वाले अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा और विधायक हरीश खुराना भी सीएम रेखा गुप्ता के साथ मौजूद रहे। इस निरीक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर तैनात मशीनों की कार्यप्रणाली को समझना और यह सुनिश्चित करना था कि आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित यह तकनीकें दिल्ली की जनता के लिए किस प्रकार काम कर रही हैं। इस दौरान तीन प्रमुख तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जिन्हें शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किया गया है। ये तकनीकें न केवल अपनी नवीनता के लिए बल्कि प्रदूषण को कम करने में उनकी प्रभावशीलता के लिए भी जानी जाती हैं।

 

STR 101 फिल्टरलेस एयर प्यूरीफायर: सत गुरु राम सिंह मार्ग पर नई उम्मीद

 

निरीक्षण के पहले चरण में, सीएम रेखा गुप्ता ने सत गुरु राम सिंह मार्ग पर स्थापित ‘STR 101 फिल्टरलेस एयर प्यूरीफायर’ का जायजा लिया। यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक फिल्टर का उपयोग नहीं होता है। फिल्टरलेस होने के कारण, इसकी रखरखाव लागत कम होती है और यह लगातार उच्च क्षमता के साथ काम करता है। यहाँ 21 इकाइयां स्थापित की गई हैं, जो मिलकर एक विशाल क्षेत्र को कवर करती हैं।

यह प्रणाली अपनी उन्नत स्व-सफाई (self-cleaning) तकनीक के माध्यम से हर घंटे लगभग 3 लाख लीटर हवा को शुद्ध करने की क्षमता रखती है। यह केवल हवा को शुद्ध ही नहीं करता, बल्कि धुआं, धूल, PM2.5, PM10 और अन्य हानिकारक प्रदूषकों को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभदायक है जहां वाहनों का आवागमन उच्च है और सड़क का धूल-कण एक बड़ी समस्या बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस मशीन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे दिल्ली की सड़कों पर सांस लेने योग्य वातावरण बनाने का एक मजबूत कदम बताया।

 

ईवी-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन: भारत की पहली शून्य-उत्सर्जन प्रणाली

 

निरीक्षण का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा ‘ईवी-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन’ (EV-mounted Anti-Smog Gun) था। भारत की यह पहली शून्य-उत्सर्जन (zero-emission) चलने वाली एंटी-स्मॉग प्रणाली कीर्ति नगर और मायापुरी जैसे औद्योगिक और व्यस्त क्षेत्रों में तैनात की गई है। पारंपरिक स्मॉग गन की तुलना में यह बेहद अद्वितीय है क्योंकि यह बिजली पर चलने वाले वाहन (EV) पर लगाई गई है।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब यह प्रदूषण कम करने का काम करती है, तो स्वयं यह कोई प्रदूषण उत्पन्न नहीं करती। यह प्रणाली सड़क की धूल और प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभाती है। यह ‘क्लीनर एयर कॉरिडोर’ (Cleaner Air Corridors) बनाती है, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों को बेहतर दृश्यता (visibility) और सांस लेने में आराम मिलता है। कीर्ति नगर और मायापुरी जैसे इलाकों में, जहां औद्योगिक गतिविधियों और भारी वाहनों के कारण धूल कणों की मात्रा अधिक होती है, यह चलती-फिरती प्रणाली वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक यह सिद्ध करती है कि हम प्रदूषण को रोकने के लिए पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपना रहे हैं।

 

पवन III प्रदूषण नियंत्रण उपकरण: स्रोत से ही प्रदूषण का उन्मूलन

 

तीसरी और अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक जिस पर मुख्यमंत्री और उनकी टीम ने ध्यान केंद्रित किया, वह है ‘पवन III प्रदूषण नियंत्रण उपकरण’ (PAWAN III Pollution Control Device)। इसे कीर्ति नगर फायर स्टेशन के पास स्थापित किया गया है। इस उपकरण की खासियत यह है कि यह वाहन जनित प्रदूषण को उसके स्रोत (source level) पर ही पकड़कर उसका इलाज करता है।

वाहनों से निकलने वाला धुआं और कण वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं। पवन III उपकरण इन्हीं कणों को हवा में फैलने से पहले ही अपनी ग्रिल में कैद कर लेता है और उन्हें शुद्ध कर देता है। क्षेत्र में किए गए परीक्षणों (field trials) के दौरान इस उपकरण ने कणित प्रदूषण (particulate pollution) में लगभग 29 प्रतिशत की कमी दर्ज कराई है। यह आंकड़ा बहुत ही प्रोत्साहित करने वाला है, क्योंकि यह दर्शाता है कि यदि हम स्रोत पर नियंत्रण करें, तो हवा की गुणवत्ता में तत्काल सुधार लाया जा सकता है। यह उपकरण विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जहां ट्रैफिक जाम और वाहनों की रुकावट के कारण प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो जाता है।

 

दिल्ली का स्वस्थ भविष्य: एक वर्ष भर का संकल्प

 

इस निरीक्षण अभियान के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने जोर दिया कि प्रदूषण नियंत्रण कोई एक दिन या एक मौसम की चुनौती नहीं है, बल्कि यह एक लगातार जारी रखने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। “मेड इन इंडिया” तकनीकों का उपयोग करना इस बात का प्रमाण है कि हम देश की विज्ञान और तकनीक क्षमता पर भरोसा करते हैं और स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय ही समाधानों के माध्यम से किया जा सकता है।

कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा और विधायक श्री हरीश खुराना ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को जमीनी स्तर पर देखना बहुत विश्वास भरा अनुभव है। इन मशीनों की मौजूदगी से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आम नागरिकों में भी सरकार की प्रति विश्वास बढ़ेगा।

 

स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध

 

दिल्ली सरकार की उस दूरदर्शी सोच को प्रदर्शित करता है जो स्वच्छ वातावरण और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है। STR 101 फिल्टरलेस एयर प्यूरीफायर, ईवी-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन और पवन III प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसी तकनीकों को शामिल करना साबित करता है कि दिल्ली तकनीकी रूप से उन्नत समाधानों के माध्यम से प्रदूषण जैसी जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढ रहा है।

यह अभियान केवल मशीनें लगाने का नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें निगरानी, नवाचार और कार्यान्वयन शामिल है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, दिल्ली अब प्रदूषण मुक्त शहर बनने की ओर एक मजबूत कदम उठा रहा है। इन प्रयासों से न केवल वर्तमान पीढ़ी को सांस लेने लायक वातावरण मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा। यह “मेड इन इंडिया” की ताकत है, जो हमें आत्मनिर्भर बनाते हुए पर्यावरण की सुरक्षा का दायित्व भी निभाती है।

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