दिल्ली में हुई QUAD की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा। इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की। QUAD की इस मीटिंग से ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज निकला है। दरअसल इस मीटिंग में होर्मुज को खोलने और बिना रुकावट के जहाजों के गुजरने पर बात हुई। बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एस जयशंकर ने कहा कि आज हमारे सामने कई चुनौतियां हैं. ग्लोबल स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा जीरो टॉलरेंस है।
दुनिया के वर्तमान हालात पर हुई QUAD में चर्चा
क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद साझा प्रेस रिलीज भी जारी की गई, जिसमें कहा गया, ‘क्वाड के विदेश मंत्रियों की एक जरूरी बैठक हुई है. इस मीटिंग में ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के ताजा हालात पर केंद्रित रहीं। क्वाड होने के नाते हमने इंडो पैसिफिक क्षेत्र के मुद्दों पर फोकस किया. चूंकि हम इंडो पैसिफिक क्षेत्र के अलग-अलग किनारों पर स्थित चार समुद्री लोकतांत्रिक देश हैं, इसलिए विचारों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण रहा।
समुद्री क्षेत्र में सहयोग का विस्तार: QUAD
इसमें कहा गया, ‘समुद्री क्षेत्र में सहयोग का लगातार विस्तार हुआ है, जिसमें निगरानी और क्षेत्र जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, पनडुब्बी केबल, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (HADR) गतिविधियां शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और अधिक मजबूत करेंगे।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर चारों विदेश मंत्रियों में बनी सहमति: QUAD
QUAD के विदेश मंत्रियों ने कहा, ‘हमने सुरक्षित और बिना रुकावट के समुद्री व्यापार के मुद्दे पर बात की और अंतरराष्ट्रीय कानून का कड़ाई से पालन करने के महत्व को दोहराया, हमारे चारों राष्ट्र बाजार अर्थव्यवस्थाएं हैं. हमारा दृढ़ विश्वास है कि आर्थिक लचीलेपन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. सप्लाई चेन को मजबूत किया जाना चाहिए, विश्वसनीय और सुरक्षित इंजीनियरिंग का प्रसार किया जाना चाहिए, प्रोडक्शन क्षमताओं को बढ़ाया जाना चाहिए. हमारी चर्चाओं में आज के दौर में एनर्जी सेक्टर और खाद की उपलब्धता पर भी बात हुई।







