कांग्रेस के घोषणा पत्र के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन

ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में इस समय कांग्रेस का घोषणा पत्र विवादों में बन गया है। भाजपा इसको लेकर कांग्रेस पार्टी पर हमला कर रही है। हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इस बीच दिल्ली में भाजपा महिला मोर्चा सड़कों पर उतर कर कांग्रेस के घोषणा पत्र के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शन में दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल हुए। सचदेवा ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं सोचा था कि अपने गहने और मंगल सूत्र बचाने के लिए सभी माताएं और बहनें सड़क पर उतरेंगी।

 

कांग्रेस के घोषणा पत्र को बताया देश का षड्यंत्र

 

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि कांग्रेस का मेनिफेस्टो चुनावी घोषणा पत्र नहीं है, यह देश को तोड़ने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी लोग मेहनत कर एक-एक पूंजी इकट्ठा करते हैं, जिससे वे अपने बच्चों का भविष्य बना सकें। लेकिन कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कह रही है कि वह सत्ता में आएगी, तो सभी महिलाओं की संपत्ति का सर्वे कराएंगे। उन्होंने कहा कि सर्वे कराकर देश के मुस्लिमों को देंगे। सचदेवा ने कहा कि मनमोहन सिंह ने कहा था कि इस देश की संपदा पर सबसे पहला अधिकार मुसलमानों का है। एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए महिलाओं से मंगलसूत्र छीनना चाहती है।

 

 

जाने कांग्रेस के घोषणा पत्र में क्या?

 

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र का न्याय पत्र नाम दिया है। इस न्याय पत्र में कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में 28 नंबर पेज पर आर्थिक न्याय का जिक्र किया है, इसमें कांग्रेस ने राजनीतिक और सामाजिक न्याय की तरह इसे भी महत्वपूर्ण बताया है। इसमें कांग्रेस ने नौकरियां, स्वरोजगार बढ़ाने के साथ कई उपायों को बताया है। इसी के 21 वें नंबर प्वाइंटर में कांग्रेस ने ये जिक्र किया है कि ‘कांग्रेस नीतियों में उपयुक्त बदलाव करके धन और आय के मामले में बढ़ती असमानता का समाधान करेगी।

इसी में आगे जनकल्याण शीर्षक में कांग्रेस ने लिखा है कि भारत की जनता आर्थिक तौर पर विभाजित है, अति अमीर लोगों का एक बहुत छोटा सा वर्ग है। इसके बाद मध्यम वर्ग है जो गरीबी रेखा से ऊपर है, लेकिन माध्यम वर्ग में नहीं आता। देश में 22 करोड़ लोग गरीब हैं। कांग्रेस इन पर फोकस करेगी। कांग्रेस ने नव संकल्प आर्थिक नीति का उद्देश्य भी बताया है। इसमें कांग्रेस ने लिखा है कि कांग्रेस न्यायसंगत और समान अवसर वाली अर्थव्यवस्था का निर्माण करेगी। अब इसी को लेकर बीजेपी विरोध कर रही है। बीजेपी आरोप लगा रही है कि कांग्रेस अगर सत्ता में आएगी तो सभी माताओं और बहनों का मंगलसूत्र छिन लेगी। हालांकि, कांग्रेस के घोषणा पत्र में ऐसा कुछ भी नहीं लिखा है।

 

पीएम मोदी ने भी कांग्रेस के घोषणा पत्र पर लगाए आरोप

 

बता दें कि इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 अप्रैल को एक रैली में कहा था कि कांग्रेस की सरकार बनी तो वह सभी की प्रॉपर्टी का सर्वे कराएगी। हमारी माताओं बहनों के पास सोना कितना है, उसकी जांच की जाएगी। आदिवासी परिवारों के पास चांदी होती है, उसका हिसाब लगाया जाएगा और उसे लोगों में समान रूप से बांट दिया जाएगा। हालांकि, पीएम के इन बयानों का कांग्रेस पुरजोर विरोध कर रही है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से भी इसकी शिकायत की।

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