दिल्ली जंतर-मंतर का 12वां दिन : वांगचुक की बिगड़ती सेहत के बीच भूख जारी हड़ताल

ऋषि तिवारी 

Delhi News: दिल्ली जंतर-मंतर में इन दिनों एक ऐसा आंदोलन चल रहा है, जिसने देशभर के छात्रों, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शिक्षा व्यवस्था में मौलिक बदलाव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन आज बुधवार को अपने 12वें दिन में प्रवेश कर लिया है। इस आंदोलन को लेकर सबसे बड़ी चिंता इस वक्त लद्दाख के प्रख्यात इनोवेटर और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत है, जिनकी भूख हड़ताल आज चौथा दिन है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

 

सोनम वांगचुक का मेडिकल अपडेट

 

बता दें कि जंतर-मंतर पर चल रहे देशभर के छात्रों, युवाओं और पर्यावरण अनशन ने सोनम वांगचुक की शारीरिक स्थिति पर भारी असर डाला है। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए ताजा मेडिकल अपडेट के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से ही वांगचुक का वजन तेजी से घट रहा है। अब तक उनका लगभग 2 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। वजन कम होने के साथ-साथ उनका ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) भी लगातार नीचे जा रहा है, जो चिकित्सीय दृष्टि से काफी चिंताजनक माना जा रहा है।

मौजूद डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। मेडिकल टीम हर कुछ घंटों में उनका ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल, ब्लड शुगर लेवल और अन्य जरूरी शारीरिक मापदंडों की जांच कर रही है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सोनम वांगचुक की स्थिति से जुड़ी हर छोटी-बड़ी मेडिकल जानकारी समय-समय पर जनता के साथ साझा की जाएगी, ताकि उनके समर्थकों को उनकी सही स्थिति का पता चलता रहे।

 

पिछले 7 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र अनीश की तबीयत खराब

 

बता दें कि सोनम वांगचुक के अलावा इस आंदोलन में शामिल अन्य अनशनकारियों की सेहत भी तेजी से बिगड़ती जा रही है। सबसे चिंताजनक स्थिति पिछले 7 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर डटे छात्र अनीश की है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनीश की बिगड़ती तबीयत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

अभिजीत दीपके ने कहा कि अनीश के शरीर में ऊर्जा का स्तर बेहद नीचे चला गया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। सरकार को चाहिए कि वह इन युवाओं की आवाज को समझे, लेकिन दुख की बात यह है कि सरकार इस देश के युवाओं की आवाज सुनने से क्यों पीछे हट रही है? उन्होंने अनीश के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया।

 

 किसानों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक का समर्थन

 

आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का दृश्य बेहद भावुक और ऊर्जावान था। हालांकि अनशनकारियों की सेहत खराब है, फिर भी मंच से लगातार संबोधन हो रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ता लोगों को आंदोलन से जोड़ने की अपील कर रहे हैं। देश के कोने-कोने से छात्र, किसान, श्रमिक और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचकर इस धरने को अपना समर्थन दे रहे हैं।

भीड़ में खड़े समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या पार्टी का नहीं है, बल्कि भारत की भविष्य की शिक्षा व्यवस्था और पर्यावरण को बचाने के लिए लड़ाई है। लोगों का आक्रोश सरकार के अमर्यादपूर्ण रवैये के खिलाफ है, जो युवाओं की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।

 

आंदोलन जारी रहने का ऐलान

 

सोनम वांगचुक की गिरती सेहत और अनीश जैसे अन्य छात्रों के कमजोर होते शरीर के बावजूद, कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि वे अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर यह शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

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