सरकारी कार्यक्रम में डीजीपी और गृह सचिव के सामने हाथ जोड़ने लगे सीएम नीतीश

 बोले: जल्दी कर न दीजिएगा..बोलअ..

 ‘जल्दी से नियुक्तिया करा न दीजिए’

 पटना। विधानसभा चुनाव से पहले सभी कार्यों को संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ने पड़े। पुलिस विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुले मंच से डीजीपी और गृह सचिव के सामने हाथ जोड़कर उनसे अपील करने लगे। गृह सचिव और डीजीपी की तरफ हाथ जोड़ते हुए सीएम ने कहा कि जल्दी से और भी नियुक्ति करा दीजिए, पुलिस में महिलाओं की संख्या 35 फीसदी करिए।
दरअसल, बिहार में विधानसभा चुनाव को अब कुछ ही समय शेष रह चुका है। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता से किए अपने वादों को हर हाल में पूरा कर लेना चाहते हैं। उनका मानना है कि जनता से जो वादा किया था उसे पूरा करने के बाद ही उनके सामने वोट मांगने जाएंगे। यही वजह है कि मुख्यमंत्री विधान सभा चुनाव से पहले सभी अधूरे कामों को पूरा करना चाहते हैं, चाहे इसके लिए उन्हें अधिकारियों के सामने हाथ ही क्यों न जोड़ने पड़े।
सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज एक बार फिर अधिकारियों के सामने काम को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए हाथ जोड़कर उनसे अपील करते नजर आए हैं। पटना में बिहार पुलिस के 1239 दारोगा को नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान सीएम नीतीश ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ा। गृह सचिव और डीजीपी की तरफ हाथ जोड़ते हुए कहा कि जल्दी से और भी नियुक्ति करा दीजिए। पुलिस में महिलाओं की संख्या 35 फीसदी करिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी और गृह सचिव के सामने हाथ जोड़कर कहा कि, जल्दी कर न दीजिएगा.. बोलअ.. आइए न यहां पर आकर बताइए.. कि जल्दी करिएगा कि नहीं करिएगा.. सीएम के बुलाने पर मौके पर मौजूद गृह सचिव ने माइक पर कहा कि, महोदय का जो भी निर्देश दिया जा रहा है.. माननीय मुख्यमंत्री जी का.. बिहार पुलिस उसपर पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहेगी और सभी निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा.. शीघ्र नियुक्ति, उन्नत प्रशिक्षण और उनकी पोस्टिंग करा कर के उत्कृष्ट कार्य दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि, बहुत बहुत धन्यवाद.. जल्दी से इस काम को करिए।
बता दें कि इस नियुक्ति वितरण कार्यक्रम में मीडिया को आमंत्रित तो किया गया था लेकिन जब मीडियाकर्मी तय समय पर कार्यक्रम का कवरेज करने के लिए पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। मीडियाकर्मियों ने अधिकारियों से कार्यक्रम को कवरेज करने देने की बात कही लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और मीडिया को इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया।

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