बदल गए हैं सीएम नीतीश, बदला है सुशासन का नजरिया

 अब आनंद मोहन और अनंत सिंह से कोई परहेज क्यों नहीं?

 पटना। पहली बार ‘सुशासन’ शब्द आम प्रचलन में तब आया था, जब नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने। सुशासन का प्रयोग भी नीतीश कुमार ने उतना नहीं किया होगा, जितना बिहार की जनता की जुबान पर यह गूंजा। कुछ लोगों ने तो नीतीश का नाम ही ‘सुशासन बाबू’ या ‘सुशासन कुमार’ तक रख दिया था। बिहार में सुशासन शब्द लोगों की जुबान पर इसलिए चढ़ गया था कि 2005 के बाद बिहार की जनता को कई तरह के बदलावों के बीच एक बदलाव ऐसा भी दिखा, जिसके लिए लोग तरस गए थे। लालू-राबड़ी के शासन काल में बिहार में अपराध इतना बढ़ गया था कि लोगों का जीना मुहाल हो गया था। शाम होते ही सड़कें सुनसान हो जाती थीं। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता था। खाते-पीते घरों के लोग अपहरण की आशंका से परेशान थे।
बहुतों ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए पड़ोसी राज्यों में ठिकाना बना लिया था। दबंगई का आलम यह कि कौन किसकी जमीन डरा-धमा कर या जोर जबरदस्ती से अपने नाम करा ले, कहना मुश्किल था। पुलिस किसी अपराधी को पकड़ती थी तो उसके थाने से छूट जाने के चांस ज्यादा होते। हर छोटे-मझोले किस्म के अपराधी किसी बड़े अपराधी गिरोह से जुड़े होते और अपराधी गिरोहों के तार राजनीतिक रसूखदारों से जुड़े होते। यह वहीं दौर था, जब कई बड़े अपराधियों ने राजनीति में भी जगह बना ली। नीतीश का शासन शुरू होते ही ऐसे अपराधियों पर पुलिस ने नकेल कसनी शुरू कर दी। शहाबुद्दीन, आनंद मोहन, पप्पू यादव, अनंत सिंह, शहाबुद्दीन जैसे कुख्यात लोगों का ठिकाना जेलें बन गई थीं।
नीतीश कुमार को इस बदलाव के लिए खूब वाहवाही मिली। लोगों ने तभी उनके शासन को ‘सुशासन राज’ कहना शुरू किया। कुछ उन्हें सुशासन कुमार भी कहने लगे। नीतीश के प्रति जनता का यह प्रेम 2010 में तब झलका, जब लोगों ने उन्हें भाजपा के साथ गठबंधन में विधानसभा की 115 सीटें अकेले जेडीयू की झोली में डाल दीं। नीतीश के राजनीतिक करियर का वह क्लाइमैक्स था। पर, उसके बाद नीतीश ने जो रास्ता अपनाया या या यह कहें उनके इकबाल का क्षरण शुरू हुआ, उसी का असर है कि आज ‘जंगल राज’ वाली पार्टी आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव नीतीश ‘राज’ का क्राइम बुलेटिन जारी करने लगे हैं।
नीतीश कुमार ने 2015 में आरजेडी के साथ हाथ मिला कर पहली बार बड़ी चूक की। राजनीतिक लाभ के लिए उनके इस कदम की सराहना की जा सकती है, लेकिन नैतिक आधार पर उनका यह सबसे गलत कदम था। जिस लालू-राबड़ी के विरोध में जनता ने उन्हें बिहार की गद्दी सौंपी थी, राजनीतिक लाभ के लिए नीतीश ने उसका ख्याल नहीं किया। वे उस भ्रष्टाचारी लालू प्रसाद यादव के साथ जा मिले, जो उन दिनों सजा पाकर जेल में थे। जनता को पहली बार यह अटपटा लगा था। हालांकि बाद वे भाजपा के साथ आए, लेकिन लोगों का विश्वास उन पर घटने लगा।
उस विचलन के बाद नीतीश लगातार फिसलते गए। हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई की राह नीतीश ने बनाई। आपराधिक आचरण के कारण ‘बाहुबली’ अनंत सिंह के प्रति उनकी नफरत तब काफूर हो गई, जब उन पर लगे आरोप पुलिस साबित नहीं कर सकी। अदालती फैसले की बात करें तो अनंत सिंह पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ। यानी नीतीश कुमार की पुलिस ने उन्हें फंसाया था। अब नीतीश कुमार अनंत सिंह से मिलने उनके घर जाते हैं। आनंद मोहन के घर जाने में उन्हें संकोच नहीं होता।
इसके पीछे की वजह अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव माना जा रहा है। पिछले चुनाव में जेडीयू तीसरे नंबर की पार्टी बन गई थी। ऐसे में नीतीश कुमार की नजर अपनी पार्टी के जनाधार और सीटों की संख्या को बढ़ाने पर लगी है। माना जा रहा है कि इसी वजह से नीतीश कुमार अब अनंद सिंह हों या आनंद मोहन, अगर उन्हें लगता है कि कोई उनकी पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है तो उससे मेल-जोल बढ़ाने में संकोच नहीं कर रहे हैं।

  • Related Posts

    बिहार: भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का आदेश
    • TN15TN15
    • June 20, 2026

    बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र…

    Continue reading
    शशि थरूर ने किया PM मोदी का समर्थन तो राहुल गांधी पर BJP हुई हमलावर, कहा- ‘हो गए बेनकाब’
    • TN15TN15
    • June 20, 2026

    अपनी बेबाक और स्पष्ट बयानबाजी के लिए जाने…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    महाराष्ट्र के परभणी हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत, मंदिर के मलबे में अभी भी कई फंसे, रेस्क्यू जारी!

    • By TN15
    • June 20, 2026
    महाराष्ट्र के परभणी हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत, मंदिर के मलबे में अभी भी कई फंसे, रेस्क्यू जारी!

    बिहार: भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का आदेश

    • By TN15
    • June 20, 2026
    बिहार: भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का आदेश

    जम्मू-कश्मीर में PM स्वास्थ्य योजना में बड़ा घोटाला, 103 सर्जरी पाई गईं संदिग्ध!

    • By TN15
    • June 20, 2026
    जम्मू-कश्मीर में PM स्वास्थ्य योजना में बड़ा घोटाला, 103 सर्जरी पाई गईं संदिग्ध!

    हॉलीवुड स्टार एंजेलिना जॉली संग स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी प्रियंका चोपड़ा, एक्ट्रेस ने खुद किया खुलासा

    • By TN15
    • June 20, 2026
    हॉलीवुड स्टार एंजेलिना जॉली संग स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी प्रियंका चोपड़ा, एक्ट्रेस ने खुद किया खुलासा

    शिक्षा व्यवस्था से वायरस भगाओ: जंतर-मंतर पर ‘थाली बजाओ’ अभियान, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी तेज मांग

    • By TN15
    • June 20, 2026
    शिक्षा व्यवस्था से वायरस भगाओ: जंतर-मंतर पर ‘थाली बजाओ’ अभियान, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी तेज मांग

    International Yoga Day : क्या इस्लामिक देशों के स्कूल-कॉलेज में होते हैं योगा टीचर, उनको कितनी मिलती है सैलरी?

    • By TN15
    • June 20, 2026
    International Yoga Day : क्या इस्लामिक देशों के स्कूल-कॉलेज में होते हैं योगा टीचर, उनको कितनी मिलती है सैलरी?