Chaudhary Charan Singh : धन -दौलत की बेईमानी से कोसो दूर, परंतु सत्ता की चाहत भी कम नहीं

मोरारजी ने उनको पुनः मंत्रिमंडल में शामिल करने की तीन शर्ते लगाई।
(1) उप -प्रधानमंत्री एक नहीं दो बनाऊंगा।
(2)चौ चरण सिंह को गृह मंत्रालय नहीं दूंगा।
(3)राजनारायण को मंत्रिमंडल में नहीं लूंगा।
चौधरी चरण सिंह ने हर शर्त को मान लिया एक के स्थान पर दो उप प्रधानमंत्री बनाए गए। बाबू जगजीवन राम भी उप -प्रधानमंत्री बने। चौधरी साहब को गृह की जगह वित्त मंत्रालय दिया गया तथा राज नारायण जी को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद चौधरी चरण सिंह मंत्री बन गए।

प्रोफेसर राजकुमार जैन
हिंदुस्तान की राजनीति में वे एक अन्य बात के लिए भी हमेशा जाने जाएंगे। वे ऐसे राजनेता थे जिनको उनका मतदाता जैसे वोट देता था,वैसे ही पैसा। उनके समय में गांव -गांव के बीच में यह होड़ लगी रहती थी कौन सा गांव ज्यादा पैसा दे रहा है। हालांकि जाहिर है कि साधारण लोगों का चंदा भी एक सीमा तक हो पाता था। एक बार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने कहा था, कि अगर हमारा मतदाता इस तरह मदद कर दे, तो हम बिहार की कायापलट कर देंगे, हमारे यहां वोट तो मिलता है परंतु साधनों के मामले में पिछड़ जाते हैं। इसके अलावा मैंने नोट और वोट देने की परंपरा को हरियाणा में चौधरी देवीलाल जी की सभाओं में भी देखा। चौधरी चरण सिंह कोई ओजस्वी वक्ता नहीं थे, परंतु सभा में विशाल भीड़ जुटती थी। उनकी सभा में लोग भाड़े पर नहीं लाए जाते थे। मेले जैसा आनंद मनाने के लिए पैदल ट्रैक्टर ट्रॉली, बैलगाड़ी, झोटा बुग्गी इत्यादि पर लोग अपने साधनों से पहुंचते थे।

अक्सर चुनाव के मौके पर नेता हल्की, भड़काऊ बातें करते हैं, परंतु चौधरी साहब के मुख से वही गरीब किसान की बेहाली, गलत आर्थिक नीतियों पर उनकी खीज सुनाई पड़ती थी। भारत का मालदार तपका ,भद्रलोक, तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग उनके विरुद्ध निरंतर प्रचार में लगा रहता था। उनकी तस्वीर एक जातिवादी, सत्तापिपासु, गंवार आदमी के रूप में चित्रित करने का प्रयास करता रहा, और यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत हुआ। चौधरी साहब भारत की राजनीति में उन नेताओं में थे जिनका अंदाज ए बयां जरूर देहाती लगता था, पर उनके वाक्य सूक्तिवाक्य होते थे उसके पीछे उनका पूरा आर्थिक दर्शन होता था।

उदाहरण के रूप में वे अपनी सभा में एक बात कहते थे किसानों अपने लड़कों को खेती के पेशे से हटाकर दूसरे धंधौ में लगाओ, जिस मुल्क में जितने ज्यादा लोग खेती करेंगे वह उतना ही गरीब होगा। उदाहरण के लिए कहते थे कि अमेरिका दुनिया का सबसे मालदार मुल्क है खेती करते हैं सिर्फ सात फ़ीसदी। साजिश के तहत अंग्रेजी राज में दस्तकारों को काश्तकार बना दिया गया जिससे हम गरीब होते गए। चौधरी साहब का ज्ञान,मात्र अकादमिक ही नहीं था पअपने अनुभव के आधार पर वे बात कहते थे,इस कारण उनके विरोधी भी उनकी प्रशंसा करने के लिए मजबूर होते थे।

दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स दिल्ली यूनिवर्सिटी, जो भारत के आर्थिक नीतिकारों का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। वहां पर एक बार चौधरी साहब की पुस्तक पर एक सेमिनार हुआ। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के छात्र मेरे मित्र महावीर सिंह जो दिल्ली के नील गांव के रहने वाले थे, वे चौधरी साहब के बड़े भक्त थे, उन्होंने बड़े विरोध के बावजूद मेहनत करके उसका आयोजन करवाया। स्कूल के बुद्धिजीवियों, प्रोफेसरों के लिए यह अटपटा तथा कुछ -कुछ मजाक का विषय था। उनका कहना था कि अब तो चरण सिंह भी अर्थशास्त्री बन रहे हैं। परंतु जब पुस्तक पर बहस तथा चौधरी साहब का भाषण हुआ तो माहौल एकदम पलट गया विद्वानों ने गलती मानते हुए कहा कि चौधरी साहब हम तो आपके लिए बहुत ही पूर्वाग्रही थे आपकी पुस्तक में मात्र शास्त्रीय विवेचन ही नहीं बल्कि व्यवहारिक भारतीय आर्थिक दर्शन की भी गूंज है।

चौधरी साहब के सीधे सरल स्वभाव का, चतुर स्वार्थी लोग बेजा फायदा भी उठाते थे जिसके कारण उनका राजनीतिक नुकसान भी होता था। गृह मंत्री पद पर रहते हुए उनका मोरारजी देसाई से नीतिगत विरोध चल रहा था 1978 में मोरारजी भाई ने चौघरी साहब को मंत्री पद से हटा दिया, इसकी प्रतिक्रिया भारत के गरीब किसानों में हुई, मोरारजी देसाई के द्वारा उठाए गए इस कदम के विरोध में चौधरी साहब के 77 वें जन्म दिवस पर दिल्ली के बोट क्लब पर एक रैली आयोजित की गई। लाखों लोगों का हुजूम वहां पर जुड़ा था कहा जाता है कि उससे बड़ी रैली दिल्ली में अब तक फिर कभी नहीं हुई। रैली में भाग लेने वाले किसान संघर्ष चलाने के लिए पैसा देने के लिए कितने उतावले थे इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता था।
विट्ठल भाई पटेल के कमरे में मास्टर ओमपाल सिंह व अन्य सहयोगी धन एकत्र करके धन देने वालों से रसीद लेने की बार-बार घोषणा कर रहे थे मगर भीड़ इतनी व्याकुल थी उन्होंने बिना रसीद लिए, बोरी में रुपए डालना शुरू कर दिया।
एक तरफ चौधरी साहब को हटाने की जनता में इतनी जबरदस्त प्रतिक्रिया थी वहीं दूसरी ओर वे नेता जो चौधरी साहब के कारण केंद्र में या राज्यों में मंत्री या अन्य पदों पर थे, वे निराश थे हमारा क्या होगा? ऐसे स्वार्थी लोगों ने गिरोहबंदी करके चौधरी साहब को समझाया कि देश हित में आपको पुनःमंत्री पद संभाल लेना चाहिए। चौधरी साहब ने गृह के स्थान पर वित्त विभाग तथा एक के स्थान पर दो-दो उप -प्रधानमंत्री तथा राजनारायण जी को मंत्रिमंडल में लिए बगैर मंत्री पद पर शपथ ले ली। मेरी राय में चौधरी साहब की यह एक राजनीतिक भूल थी अगर वह समझौता ना करते तो देश का राजनीतिक इतिहास कुछ और ही होता।चौधरी चरण सिंह ने सत्ता की एक लंबी पारी खेली मगर कभी भी उन पर पैसे की बेईमानी का लांछन उनके घनघोर विरोधियों ने भी नहीं लगाया। गांधी के आदर्शों में पले चौधरी साहब मे सादगी, ईमानदारी, साधनों की सुचिता, गरीबों के लिए दर्द और पूंजीपतियों के लिए हिकारत कूट-कूट कर भरे थे। इसे मैंने अति निकट से देखा।

  • Related Posts

    मोदी काल के 12 वर्षों की प्रमुख विफलताएँ एवं आलोचना

    एस आर दारापुरी  26 मई 2026 को मोदी…

    Continue reading
    जनता के विश्वास और राष्ट्र प्रथम की भावना से मजबूत हुआ नया भारत

    ऋषी तिवारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Mahoba News: अंधविश्वास में तांत्रिक की हत्या कर शव कुएं में फेंका, 13 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार

    • By TN15
    • June 9, 2026
    Mahoba News: अंधविश्वास में तांत्रिक की हत्या कर शव कुएं में फेंका, 13 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार

    फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में बनीं सनी देओल की बेटी, 15 साल की उम्र में करेंगी बड़ा धमाका?

    • By TN15
    • June 9, 2026
    फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में बनीं सनी देओल की बेटी, 15 साल की उम्र में करेंगी बड़ा धमाका?

    आगरा: दूसरी शादी करना चाहता है 74 साल का पति, बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार

    • By TN15
    • June 9, 2026
    आगरा: दूसरी शादी करना चाहता है 74 साल का पति, बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार

    Delhi News: दिल्ली: फायर डिपार्टमेंट में ‘अग्निवीरों’ की हो भर्ती, DDMA की बैठक में LG ने दिया सुझाव

    • By TN15
    • June 9, 2026
    Delhi News: दिल्ली: फायर डिपार्टमेंट में ‘अग्निवीरों’ की हो भर्ती, DDMA की बैठक में LG ने दिया सुझाव

    UP News : अलंकार अग्निहोत्री ने लगाई BJP में सेंध! UP चुनाव के लिए उतारा उम्मीदवार

    • By TN15
    • June 9, 2026
    UP News : अलंकार अग्निहोत्री ने लगाई BJP में सेंध! UP चुनाव के लिए उतारा उम्मीदवार

    इंडिया गठबंधन के हुजूम में मुसलमान गायब… मौलाना रजवी ने उठाए INDIA ब्लॉक की बैठक पर सवाल

    • By TN15
    • June 9, 2026
    इंडिया गठबंधन के हुजूम में मुसलमान गायब… मौलाना रजवी ने उठाए INDIA ब्लॉक की बैठक पर सवाल