जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में गबन का मामला उजागर!

7 मार्च को भेजा गया है उपयोगिता प्रमाण-पत्र :

बताए गए 15 लाख 704 रुपये खर्च:

बौद्धिक परीक्षा में शामिल हुए एफआई व बीएलसी:

 

समस्तीपुर पूसा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पूसा (डायट) में कई योजनाओं सेव संबंधित लाखों रुपए की अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। मामला स्टेट एडुकेशन एचीवमेंट सर्वे (एसईएएस) को लेकर सरकार से उपलब्ध राशि से जुड़ा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसईएएस के तहत जिले के स्कूलों में बीते नवम्बर माह में परीक्षा का आयोजन किया गया था।

जिसमें कक्षा 3, 6 एवं 9 के छात्रों ने हिस्सा लिया था। इस परीक्षा के तहत बच्चों की गणित व भाषा में बौद्धिक स्तर को मापना था। जिसके लिए डायट पूसा को जिला स्तरीय समन्वयक (डीएलसी) बनाया गया था।इस परीक्षा में तैनात एफआई (फील्ड इन्वेसीगेटर) एवं बीएलसी (ब्लॉक लेबल कोर्डिनेटर) को मानदेय व टीए का भुगतान करना था। इसके अलावा भी इससे जुड़े अन्य कार्यों में राशि खर्च करनी थी।

लेकिन डायट प्रशासन ने बगैर किसी राशि भुगतान के कथित रूप से बीते 7 मार्च 2024 को खर्च की उपयोगिता प्रमाण-पत्र विभाग को भेज दिया। इधर सूत्रों की मानें तो मामला चूकी 15 लाख रुपए से अधिक का था। इसको लेकर मामले की सुगबुगाहट तेज हो गई। कानों-कान मामला जब तूल पकड़ने लगा। तब प्रखंड स्तर से इसके लिए डिमांड की मांग की जाने लगी।

मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में मोहनपुर के बीईओ ने 20 मार्च को एवं हसनपुर के बीईओ ने 16 मार्च को एफआई एवं बीएलसी के मानदेय एवं टीए भुगतान के लिए प्रपत्र प्रेषित किया है। लोगों की मानें तो यह तो नमूना है। यदि गहन व ईमानदारी से जांच की गई। तो कई और मामले का खुलासा होगा।
डायट की प्राचार्य ने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्, पटना को प्रेषित उपयोगिता प्रमाण-पत्र में व्यय के बाद उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रेषित किया गया है।

इसमें बीएलसी ट्रेनिंग, एफआईएस टेज्निग ऑनरेरियम (एफआईएस) एवं मोनिटरिंग (बीएलसी) के लिए विभाग की ओर से कुल 15 लाख 76 हजार 800 रुपये विभाग की ओर से आवंटित की गई थी। जिसमें 15 लाख 704 रुपये खर्च दिखाई गई। जबकि 76 हजार 96 रुपये शेष बताये गये हैं। वहीं डीएलसी/एडीएलसी मोनिटरिंग, एमटीएस/एकाउंटेंट के मद के लिए 35 हजार 700 रुपये आवंटित थे। जिसमें 28800 खर्च बताते हुए शेष राशि के रूप में 6900 शामिल बताया गया है। प्राचार्या आकांक्षा ने आरोपों को गलत व निराधार बताते हुए कहा कि कुछ लोग मेरे विरुद्ध षडयंत्र कर रहे है। जो मेरे एवं षड्यंत्रकारी के हित के लिए ठीक नहीं है।

  • Related Posts

    BJP विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठे, बोले- ‘जब तक सम्राट चौधरी…’  

    लौरिया विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनय बिहारी…

    Continue reading
    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    छठ पूजा पर अपने घर बिहार जाने की…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बड़ी चुनौती

    सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बड़ी चुनौती

    मेरठ नीला ड्रम केस: आया कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

    मेरठ नीला ड्रम केस: आया कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

    यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट कौन और कब होगा ऐलान? अखिलेश ने बताया

    यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट कौन और कब होगा ऐलान? अखिलेश ने बताया

    गेंहूं-चना समेत इन छह फसलों की बढ़ी MSP, मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

    गेंहूं-चना समेत इन छह फसलों की बढ़ी MSP, मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

    SIR को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ‘बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा…’

    SIR को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ‘बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा…’

    कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी

    कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी