अपने दम पर यूपी विधानसभा चुनाव लड़ेगी आज़ाद समाज पार्टी 

आज़ाद समाज पार्टी किसी पार्टी से कोई गठबंधन नहीं करने जा रही है। बाकायदा यह एलान पार्टी के संस्थापक नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने किया है। आसपा ने साफ़ कर दिया है कि आगामी चुनाव में वो अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसके लिए पार्टी ने प्रत्याशियों को चयन में जुट गई है। आज 13 जून से 16 जून तक टिकट दावेदारों का इंटरव्यू लिया जाएगा। आजाद समाज पार्टी ने ऐलान किया है कि यूपी चुनाव 2027 के चुनाव में किसी भी बड़े दल के साथ उनकी पार्टी गठबंधन नहीं करेंगी और अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी हरेक सीट पर उम्मीदवारों के चयन में जुट गई है. इसके लिए आज से लखनऊ में अगले चार दिन तक टिकट के दावेदारों का इंटरव्यू लिया जाएगा।

 

टिकट के दावेदारों को देना होगा इंटरव्यू

 

जानकारी के मुताबिक पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद 13 जून से 18 जून तक लखनऊ में प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान पर विधानसभा चुनाव में दावेदारी करने वाले उम्मीदवारों का व्यक्तिगत तौर पर इंटरव्यू लेंगे। ये इंटरव्यू सिर्फ औपचारिकता भर नहीं होगा बल्कि इसे पास करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवार के लिए पार्टी की कसौटी पर उतरना आवश्यक होगा, तभी उसके नाम पर विचार किया जाएगा। आसपा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चितौड़ ने बताया इस इंटरव्यू में चंद्रशेखर आजाद के साथ संबंधित जोन के प्रभारी, मुख्य मंडल प्रभारी, मंडल प्रभारी, मंडल प्रभारी (भाई-चारा कमेटी) और ज़िलाध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे तो दावेदार की लिखित रिपोर्ट देंगे।

 

13-16 जून तक मंडलवार होंगे इंटरव्यू

 

तय कार्यक्रम के मुताबिक़ 13 जून को ज़ोन-1 के सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के प्रतिनिधियों का इंटरव्यू किया जाएगा। 14 जून को जोन-2 बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल का इंटरव्यू होगा, इसके साथ ही ज़ोन-3 के कानपुर, चित्रकूट और झांसी मंडल के प्रतिनिधियों का इंटरव्यू होगा। 15 जून को जोन-4 और जोन-5 के लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन मंडल, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के इंटरव्यू का कार्यक्रम हैं, आखिरी दिन 16 जून के जोन-6 के वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल का इंटरव्यू होगा।

 

शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर होगा जोर

 

आसपा ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी शिक्षा और रोज़गार के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी. इसके साथ ही जनता से शराब बंदी और न्यूनतम मजदूरी को 750 रुपये करने के वादे के साथ आगे बढ़ेगी. चुनाव में सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए वादे और घोषणाएं की जाएंगी. यूपी में अगर आसपा की सरकार बनी तो रोज़गार पर मुख्य तौर पर फ़ोकस होगा। चंद्रशेखर आजाद ने कार्यकर्ताओं को  पार्टी संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सीधे जनता से जुड़ने पर ज़ोर दिया है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भी चाहती कि वो किसी बैसाखी के सहारे नहीं बल्कि अकेले चुनाव मैदान में उतरें। .

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