उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला है। शनिवार को बलिया के बेरुआरबारी क्षेत्र में मीडिया से बातचीत करते हुए राजभर ने दावा किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव को “तिरछी नजर” से भी नहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि भविष्य में पार्टी को टूटने से बचाने के लिए अखिलेश यादव को नेतृत्व से हटना पड़ सकता है और पार्टी की कमान शिवपाल यादव के हाथों में जा सकती है।
‘शिवसेना जैसा होगा सपा का हश्र, बलिया से होगी बगावत’
राजग (NDA) गठबंधन के सहयोगी राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का भी वही हश्र होगा जो महाराष्ट्र में शिवसेना और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का हुआ है। उन्होंने कहा, “पार्टी में टूट की शुरुआत बलिया की बागी धरती से ही होगी।
राजीव राय और अमित शाह की कथित मुलाकात पर उठाए सवाल
राजभर ने सपा सांसद राजीव राय को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजीव राय की कथित मुलाकात के बाद सपा में बगावत की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजभर के मुताबिक, राजीव राय पर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच चल रही है, जिसके दबाव में वे “सत्ता पक्ष के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं” और सपा में टूट की अगुवाई कर सकते हैं।
अखिलेश और शिवपाल को ज़ाहूराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती
सुभासपा प्रमुख ने अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव को अपनी विधानसभा सीट ज़ाहूराबाद से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव ने खुद विधानसभा में कहा था कि शिवपाल बीजेपी की मदद करते हैं.” राम मंदिर को लेकर सपा की आलोचना पर राजभर ने कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया था, वे अब सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर एक ट्रस्ट का विषय है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है.
अखिलेश और राजीव राय का जोरदार पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राजभर के दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “अफवाह फैलाने वाला मंत्री” करार दिया। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि सपा पूरी तरह एकजुट और मजबूत है. बीजेपी दबाव और प्रलोभन के जरिए विपक्षी दलों को तोड़ने का कुत्सित प्रयास कर रही है। सपा सांसद राजीव राय ने भी इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि राजभर राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
अपनी ही पार्टी के विधायकों पर दी सफाई
सपा पर निशाना साधने वाले राजभर को अपनी पार्टी की आंतरिक स्थिति पर भी सफाई देनी पड़ी. हाल ही में उनके बेटे अरुण राजभर ने दावा किया था कि सुभासपा के तीन विधायक सपा के झंडे लेकर घूमते देखे गए हैं। इस पर सफाई देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सुभासपा के 6 में से 5 विधायक मजबूती से उनके साथ हैं, जबकि केवल एक विधायक सपा के साथ जुड़ा हुआ दिखाई देता है। उन्होंने अपनी पार्टी में किसी भी बड़े विभाजन की बात को नकार दिया।







