गृहमंत्री अमित शाह की चेतावनी के बाद गुजरात में बसे बांग्लादेशियों पर एक्शन शुरू हो गया है। 28 मई 2026 को गांधीनगर के सोनिपुर में आयोजित सभा में अमित शाह ने कहा था कि देशभर से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा। शाह की इस हुंकार के पांचवें दिन यानी कल (2 जून) गुजरातभर में बांग्लादेशियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा सहित पूरे राज्य में बांग्लादेशियों की तलाश की जा रही है। अहमदाबाद में 166 बांग्लादेशी पकड़े गए हैं. पूछताछ में सामने आया है कि वे यहां जो कमाई करते थे, उसे आंगड़िया के माध्यम से कोलकाता भेजते थे और वहां से वह पैसा बांग्लादेश पहुंचाया जाता था. साथ ही कुछ मोबाइल एप्लिकेशनों के जरिए भी बांग्लादेश पैसे भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
अहमदाबाद में चलाया गया तलाशी अभियान
ऑपरेशन के दौरान सभी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे. क्राइम ब्रांच ने मुख्य रूप से चंडोला, गुलाबनगर और दाणीलीमडा के खोडियारनगर क्षेत्रों में कार्रवाई की. सभी संदिग्धों और पुष्टि किए गए बांग्लादेशियों को क्राइम ब्रांच परिसर में रखा गया है. कल सुबह शुरू हुआ पुलिस का सर्च ऑपरेशन देर रात तक चलता रहा. शहर के पूर्वी हिस्से में जगह-जगह छापेमारी, पूछताछ और गिरफ्तारियों के दृश्य देखने को मिले।
वर्षों से अवैध रूप से शहर में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को खोजने के लिए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें मैदान में उतरीं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंडोला क्षेत्र में पहले हुई कार्रवाइयों के बाद कई संदिग्ध लोग शहर के अलग-अलग इलाकों में फैल गए थे और अपनी पहचान बदलकर रह रहे थे।
कल वटवा, रामोल, ओढव, निकोल, नरोडा और दाणीलीमडा सहित कई क्षेत्रों में एक साथ अभियान शुरू किया गया. पुलिस वाहनों, अधिकारियों के काफिलों और लगातार जांच के कारण कई जगह लोगों की भीड़ जमा हो गई. कहीं होटलों में जांच चल रही थी तो कहीं किराए के मकानों में रहने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी।
स्पा सेंटरों में मची अफरा-तफरी
पुलिस कार्रवाई के दौरान मची हलचल
जॉइंट पुलिस कमिश्नर (जेसीपी) शरद सिंघल ने बताया कि क्राइम ब्रांच, एसओजी, साइबर क्राइम और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मिलकर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को पकड़ा है. पिछले वर्ष सबसे बड़ा अभियान चलाया गया था, जिसमें 465 बांग्लादेशी पकड़े गए थे। सभी के पास भारतीय आधार कार्ड मिले थे. पूछताछ में एजेंटों के नाम भी सामने आए हैं. यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
जॉइंट पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?
सूरत में एसओजी पुलिस ने बांग्लादेशियों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की. क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीमों ने लिम्बायत, पांडेसरा और भाठेना सहित कई क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाकर 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया.
राजकोट में सर्च ऑपरेशन शुरू
जो लोग पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, उनसे पूछताछ जारी है. जिनके पास वीजा या अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उल्लेखनीय है कि राजकोट शहर में 1 जून 2025 से 17 अप्रैल 2026 के बीच कुल 38 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है. इनमें 29 महिलाएं, 6 पुरुष और 3 बच्चे शामिल हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें वापस भेजा गया.








