80 साल के बुजुर्ग की अनोखी प्रेम कहानी

34 साल की युवती से शादी, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ ‘रील वाला प्यार’

 

भारत में प्यार की अनगिनत कहानियां हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो उम्र की सीमाओं को तोड़ती नजर आती है। यहां 80 साल के बुजुर्ग बालूराम बागरी ने 34 साल की महाराष्ट्र निवासी शीला इंगले से शादी रचा ली। यह उम्र का फासला करीब 46 साल का है, जो लगभग 50 साल के करीब है। यह शादी न सिर्फ एक ‘चमत्कार’ जैसी लगती है, बल्कि बुजुर्ग ने बुढ़ापे में एक अनोखा रिकॉर्ड भी बनाया—चार शादीशुदा बच्चों के पिता होने के बावजूद, इंस्टाग्राम रील्स के जरिए शुरू हुई इस प्रेम कहानी को कोर्ट मैरिज के रूप में पूरा करना। यह मामला अप्रैल 2024 में सुर्खियों में रहा और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

प्रेम कहानी की शुरुआत: रील्स से रियल लाइफ तक

 

बालूराम बागरी मध्य प्रदेश के आगर मालवा के सुसनेर क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी उम्र 80 साल है और वे चार बच्चों (सभी शादीशुदा) के पिता हैं। उनकी पहली पत्नी की दो साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद वे अकेलेपन से जूझ रहे थे।
शीला इंगले, 34 साल की युवती, महाराष्ट्र से हैं। दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई। बालूराम रील्स बनाते थे, जिनमें उनकी जिंदादिली झलकती थी। शीला ने एक रील पर कमेंट किया, बातचीत आगे बढ़ी और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
शीला ने 600 किलोमीटर का सफर तय कर सुसनेर पहुंची। दोनों ने फैसला किया कि वे साथ रहेंगे।

 

शादी का अनोखा अंदाज: कोर्ट मैरिज और मंदिर में वरमाला

 

4 अप्रैल 2024 को सुसनेर कोर्ट परिसर में दोनों ने कोर्ट मैरिज की। फिर कोर्ट के अंदर ही स्थित हनुमान मंदिर में एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।
यह शादी इसलिए अनोखी है क्योंकि बालूराम की उम्र में नया साथी चुनना और उसे कानूनी रूप देना सामाजिक रूप से चर्चा का विषय बन गया। बालूराम ने कहा, “उम्र की कोई सीमा नहीं होती, प्यार तो बस हो जाता है।” शीला ने भी कहा कि बालूराम की जिंदादिली ने उन्हें आकर्षित किया।

 

बुढ़ापे में अनोखा रिकॉर्ड: क्या है खासियत?

 

यह शादी एक तरह का ‘अनौपचारिक रिकॉर्ड’ बन गई क्योंकि:

उम्र का फासला: 46 साल का अंतर (लगभग 50 साल के करीब), जो भारत में बुजुर्गों की दूसरी शादी के मामलों में दुर्लभ है।
सोशल मीडिया का रोल: पहली बार इंस्टाग्राम रील्स ने ऐसी शादी को जन्म दिया, जो डिजिटल युग की प्रेम कहानी का प्रतीक बनी।
परिवार का साथ: बालूराम के चारों बच्चे इस शादी से सहमत थे, जो पारंपरिक परिवारों में कम देखा जाता है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में तो यह दर्ज नहीं है (जो हाल ही में ब्रिटेन के 100 और 102 साल के जोड़े को मिला), लेकिन स्थानीय स्तर पर यह ‘बुढ़ापे में नई जिंदगी’ का प्रतीक बन गया। यह मामला मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चित बुजुर्ग शादियों में शुमार हो गया।

 

 

सोसाइटी की प्रतिक्रिया

 

यह खबर वायरल होते ही बहस छेड़ दी। कुछ ने इसे सच्चा प्यार बताया, तो कुछ ने सवाल उठाए। लेकिन बालूराम और शीला खुश हैं—बालूराम अब अकेले नहीं, और शीला को अपना ‘सच्चा साथी’ मिल गया। यह कहानी साबित करती है कि प्यार उम्र, दूरी या परिस्थितियों से परे होता है।
अगर आप इसकी तस्वीरें या वीडियो देखना चाहें, तो मूल खबरों में उपलब्ध हैं। क्या आप इस कहानी के बारे में और डिटेल्स चाहते हैं?

  • Related Posts

    बीकानेर में पत्नी को दुल्हन बनाकर दी अंतिम विदाई

    बीकानेर में एक पति ने अपनी पत्नी को…

    Continue reading
    आदिवासियों के लिए लड़ने वाले लोगों को चुनें 

    आदिवासियों के विकास और उत्थान के लिए उनकी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!

    क्या सरकार को भी बर्खास्त कर सकते हैं CJI सूर्यकांत!

    क्या सरकार को भी बर्खास्त कर सकते हैं CJI सूर्यकांत!

    त्योहारों के मौसम में जनजीवन और व्यापार की रक्षा के लिए प्रदर्शन दिसंबर तक स्थगित करने की अपील

    त्योहारों के मौसम में जनजीवन और व्यापार की रक्षा के लिए प्रदर्शन दिसंबर तक स्थगित करने की अपील

    उत्तर प्रदेश में ‘ज्ञानेश हटाओ, एस आई आर रद्द करो’ आंदोलन का ऐलान

    उत्तर प्रदेश में ‘ज्ञानेश हटाओ, एस आई आर रद्द करो’ आंदोलन का ऐलान

    23 अक्टूबर को पुलिस दमन के खिलाफ दिल्ली में उतरेंगे देशभर के किसान!

    23 अक्टूबर को पुलिस दमन के खिलाफ दिल्ली में उतरेंगे देशभर के किसान!