भागलपुर। गुरुवार को गुरु पूर्णिमा उत्सव बड़े ही श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार एवं उप-प्रधानाचार्य अभिनंदन कुमार सिंह द्वारा गुरु वेदव्यास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई।
छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने कहा, “गुरु ही हमारे जीवन के पथप्रदर्शक होते हैं। जीवन मूल्यों का संचार, सकारात्मक सोच और सफलता की दिशा में अग्रसर होने की प्रेरणा हमें गुरुजनों से ही मिलती है। माता-पिता और गुरुजनों के प्रति सम्मान से ही विनम्रता आती है और विनम्रता ही ज्ञान एवं सफलता की कुंजी है।”
राजीव लोचन झा ने इस अवसर पर कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्मचिंतन और अज्ञानता को दूर करने का दिन है। यह अवसर हमारे भीतर के अहंकार को त्यागने का संकल्प लेने का पर्व है।
भानु प्रिया ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “गुरु दीपक के समान हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाते हैं। वे भगवान से भी श्रेष्ठ होते हैं, इसलिए सदैव पूजनीय हैं।”
इस अवसर पर कक्षा 6 से 12 तक के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को छात्रों ने तिलक व आरती कर सम्मानित किया। साथ ही, सभी ने मिलकर वेदव्यास जी के चित्र पर पुष्प अर्पण कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान पवन पंजियारा ने ‘गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना’ समेत कई भक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंच संचालन का कार्य डॉ. संजीव कुमार झा ने किया, जबकि साक्षी, नंदिता, निधि एवं ऊषा आनंद आदि छात्र-छात्राओं ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
समारोह में शांतनु, आनंद कुमारी, सविता, प्रभा कुमारी, अवधेश कुमार सहित समस्त आचार्यगण एवं छात्रगण उपस्थित थे।








