झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के प्रदर्शन के बीच विधानसभा के मॉनसून सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी टीडीपीएल के संदर्भ में कहा है कि इसका उत्तर प्रदेश से कनेक्शन है। इस कंपनी के लोग यहां के लोगों से रिश्ते बनाकर झारखंड और बिहारे के लोगों को परेशान किया।
सीएम ने कहा किसरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है.ये सारी चीजें, मकड़जाल की तरह हैं. ये विपक्ष के द्वारा बुना गया है, जो कंपनी थी वो यूपी की है। इसके पीछे षड्यंत्र है।
सदन की गरिमा को तार-तार कर दिया : सोरेन
सीएम ने रांची में 10 अगस्त को हुए लाठीचार्ज और प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि प्रशासन ने कल धैर्य का परिचय दिया, जहां साल भर 144 लागू रहता हो वहां तक लोग आए। ये हमारे विपक्ष के लोग जो गेरुआ वस्त्र पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित कर रहे हैं, वो अब छात्रों का चोला पहन रहे हैं। ये सदन की गरिमा को तार तार करते हैं और लोकतंत्र की बात करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी नेताओं के जेब में नोटों के बंडल भरे पड़े हैं, ये लोकतंत्र को खरीदना चाहते हैं। इन्होंने अयोध्या में मंदिर को भी नहीं छोड़ा। सीएम ने कहा कि हमने छात्रों की अधिकतर मांगें मान ली हैं. हम आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से सलाह करके व्यवस्था को और सुधारेंगे।
सीएम के बाद सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाकर कल के आंदोलन में शामिल कराया गया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।








