उड़ीसा के पारादीप में जिंदल परियोजनाओं का गांधीवादी संगठनों ने किया कड़ा विरोध

द न्यूज 15

भुवनेश्वर  ।   पारादीप के पास जिंदल स्टील वर्क्स (जेएसडब्ल्यू) द्वारा 50,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विश्वस्तरीय 1.2 करोड़ टन वार्षिक क्षमता वाले कारखाने, 900 मेगावॉट के बिजली संयंत्र और 3,000 एकड़ भूमि में खुद के इस्तेमाल (कैप्टिव) के बंदरगाह परियोजना का गांधीवादी संगठनों ने भी कड़ा विरोध किया है। उत्कल गांधी स्मारक निधि, गांधी शांति प्रतिष्ठान, राष्ट्रीय युवा संगठन और सर्व सेवा संघ ने संयुक्त बयान जारी कर वैश्विक पर्यावरण संकट के मद्देनजर जिंदल कंपनी के प्रदूषणकारी ताप विद्युत केंद्र, सीमेंट कारखाना और इस्पात उद्योग को वापस लिये जाने की मांग की है।

प्रसिद्ध गांधीवादी नेत्री श्रीमती कृष्णा मोहंती के नेतृत्व में पोस्को विरोधी आंदोलन के नेता डॉ. विश्वजीत, राष्ट्रीय युवा संगठन के राज्य संयोजक सूर्य नारायण नाथ, आश्‍लेश मिश्र, मानस पटनायक, सागर दास ने यहां के स्थानीय क्षेत्रों का दौरा करते हुए कहा कि भारत में इस्पात, बिजली और सीमेंट उद्योग सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा स्थापित किये गए हैं। राज्य सरकार को केवल लाभ और व्यवसाय के लिए ओडिशा की खदानें, पानी और पर्यावरण को देशी और विदेशी कंपनियों के हाथों में नहीं दिया जाना चाहिए। परियोजना में प्रभावित होने वाली माहाल, ढिंकिआ, गोबिंदपुर आदि गाँव का दौरा करके प्रतिनिधि मंडल ने स्थानीय क्षेत्र में कंपनी के लिये जमीन अधिग्रहण करने के लिये पुलिस प्रशासन द्वारा आम जनता के खिलाफ किये जाने वाले अत्याचार की कड़ी निंदा की।

धान, पान, मछली, काजू और अन्य कृषि उत्पादों में समृद्ध इस क्षेत्र में सन् 2005 में राज्य और केंद्र सरकारों ने देश के आर्थिक हितों के लिए जनविरोधी पोस्को परियोजना को अनुमति दी थी, जो 12 साल की कडे संघर्ष के बाद वापस लिया गया था। सस्ती कीमतों में यहां की मछली, पान तथा काजू आदि कृषि उत्पाद राज्यों में भेजा जा रहा है। राज्‍य सरकार स्थानीय इलाकों में कोआपरेटिव के रास्ते विभिन्न कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें ताकि स्थानीय लोगों को विस्‍थापन का दंश झेलना न पडे और राज्य में लाखों लोगों को रोजगार मिले।

प्रेस विज्ञप्ति में राज्य और केंद्र सरकारों ने आमलोगों का भलाई का ख्‍याल नहीं रखते हुए जिंदल जैसी निजी कंपनियों के पक्ष में काम करने की कड़ी निंदा की है और चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गांधीवादी संगठन राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपना आंदोलन तेज करेंगे।

ज्ञातव्‍य है कि जेएसडब्ल्यू ने 50,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1.2 करोड़ टन प्रति सालाना क्षमता के कारखाने के साथ, 900 मेगावॉट बिजली संयंत्र और 3,000 एकड़ भूमि में एक निजी उपयोग के लिये बंदरगाह बनाने का प्रस्ताव किया है। बंदरगाह शहर पारादीप के पास दक्षिण कोरियाई इस्पात कंपनी पॉस्को के स्थल को प्रशासन ने जेएसडब्ल्यू परियोजना की स्थापना के लिए चुना है। बता दें कि दक्षिण कोरिया की कंपनी एक विशाल इस्पात परियोजना लगाने की अपनी योजना को वापस ले चुकी है। जेएसडब्ल्यू ने इससे पिछले महीने जिला स्तर पर गडकुजंग, नुआगांव और ढिंकिया ग्राम पंचायतों में त्रिपक्षीय बैठकें की थीं।

Related Posts

‘शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो’ के नारे के साथ जंतर-मंतर पर समाजवादियों का प्रदर्शन
  • TN15TN15
  • August 10, 2026

शिक्षा के अधिकार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती…

Continue reading
PAK एजेंट के हनी ट्रैप में फंसा वायुसेना का अधिकारी, गिरफ्तार  
  • TN15TN15
  • August 8, 2026

भारतीय वायुसेना (IAF) के एक सेवारत अधिकारी को…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

किसान संघर्ष समिति की 344वीं किसान पंचायत संपन्न

  • By TN15
  • August 12, 2026
किसान संघर्ष समिति की 344वीं किसान पंचायत संपन्न

‘राहुल गांधी के रूप में जिन्ना..’: बीजेपी MP ने कांग्रेस नेतृत्व पर लगाया बेहद गंभीर आरोप- डूब मरना चाहिए

  • By TN15
  • August 12, 2026
‘राहुल गांधी के रूप में जिन्ना..’: बीजेपी MP ने कांग्रेस नेतृत्व पर लगाया बेहद गंभीर आरोप- डूब मरना चाहिए

लखनऊ में 1 साल से फरार विदेशी महिला गिरफ्तार, पहचान बदलने के लिए कराई सर्जरी

लखनऊ में 1 साल से फरार विदेशी महिला गिरफ्तार, पहचान बदलने के लिए कराई सर्जरी

36 साल बाद कश्मीरी पंडितों की हत्यारोपियों पर शिकंजा! 9 जगहों पर छापेमारी

36 साल बाद कश्मीरी पंडितों की हत्यारोपियों पर शिकंजा! 9 जगहों पर छापेमारी

‘उत्तर देने को तैयार हूं, विपक्ष…’, अमित शाह ने स्पीकर को पत्र लिख चला बड़ा दांव

‘उत्तर देने को तैयार हूं, विपक्ष…’, अमित शाह ने स्पीकर को पत्र लिख चला बड़ा दांव

हिंद मेडिकल कॉलेज में ट्रस्ट की जंग! डॉ. रिचा मिश्रा ने लगाए गंभीर आरोप

हिंद मेडिकल कॉलेज में ट्रस्ट की जंग! डॉ. रिचा मिश्रा ने लगाए गंभीर आरोप