उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में पहले सीईओ की नियुक्ति हो गई है। अब सीईओ के नेतृत्व में ही मंदिर की तमाम व्यवस्था का संचालन होगा। ट्रस्ट के सचिव के निर्देश पर सीओ मंदिर की तमाम गतिविधियों और व्यवस्था का संचालन करेंगे। दरअसल, राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आने के बाद से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे। भक्तों की आस्था पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसके बाद ट्रस्ट ने सीओ की नियुक्ति का निर्णय लिया।
करीब 2 महीने चली प्रक्रिया के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खूब चर्चा में रहे थे। वे भारतीय वायुसेना के वेस्टर्न कमांड के चीफ के पद पर कार्यरत थे। इस पद से वे 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए थे। अब उन्हें नई जिम्मेदारी मिल गई है।
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ बनाया गया है। वह भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल हैं। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड को संभाला है। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा वर्ष 1986 में भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे। एयर फोर्स में वे फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट रहे। उनके पास 3000+ घंटे की उड़ान का अनुभव है।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 38 साल से अधिक समय तक सैन्य सेवा की। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे के पूर्व छात्र हैं। 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए एयर मार्शल को सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वे अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल भी हासिल चुके हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में संभाली कमान
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आसमान में कमान संभाली थी। पुलवामा में निर्दोष भारतीयों पर आतंकी हमले के बाद बड़ा एक्शन हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के उन्हें ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ मिला। यह एक खास तरह का सम्मान है जो युद्ध का संचालन करने के लिए दिया जाता है। यह संघर्ष के दौरान बेहतरीन सेवा के लिए देश का सबसे बड़ा सम्मान है। इसका मानक इतना ऊंचा है कि 46 सालों में यह केवल दस बार ही दिया गया है।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भोपथपुरा के रहने वाले हैं। यह स्थान अयोध्या से गाड़ी से केवल 3 घंटे की दूरी पर है। वे एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता लेक्चरर थे। देश के आसमान और सीमाओं की रक्षा करने के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन करेंगे।







