लखनऊ बीकेटी विधानसभा के भरवारा गांव में दलित समाज की बेटी लगभग 15 वर्ष के आकस्मिक निधन पर पार्थिव शरीर को निकट के शमशान में हिन्दू रिति रिवाजों से अंतिम संस्कार किया गया था अंतिम संस्कार में शामिल परिजनों रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों के जाने के कुछ देर बाद कुछ सामंतवादी कुंठा से ग्रसित दूषित मानसिकता के निर्लज्ज लोगों ने बिटिया के अधजली मृत शरीर की चिता पर समरसेबल द्वारा पानी डालकर बुझाने का अति निंदनीय कृत्य किया है….!
शायद ही भारत में ऐसी घटना पहले कहीं भी कभी हुई हो शायद नहीं ऐसा पहली बार घृणित कार्य हुआ होगा…!!
क्षेत्र के लोगों को जानकारी होते ही नाराज ग्राम वासी श्मशान के पास इकट्ठा हो गए पुलिस का भी जत्था इकट्ठा हो गया काफी मशक्कत के बाद दुबारा अधजली चिता पर लकड़ियां रखकर जैसे तैसे चिता को जलाया गया मुलायम सिंह यादव जी द्वारा जानकारी होने पर क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती ममता रावत जी ने घटना स्थल पर पहुंचकर ग्रामवासियों के साथ पुलिस प्रशासन से कड़ा विरोध जताया और दोषियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाने की मांग की…!!
ऐसे कुकृत्य किसी भी प्रकार से अक्षम्य एवं शर्मनाक है बर्दाश्त से बाहर हैं
लखनऊ जिले में तमाम क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं निरंतर होती जा रही है जहां भी पिछले 50 -60 सालों से शमशान में क्षेत्रीय निवासियों की मृतक शरीर को अंतिम संस्कार में चिता जलाई जाती है लगातार कुंठित मानसिकता के लोग उनका विरोध कर रहे हैं हमारा सवाल यह है जब आपने प्लाट या मकान लिया था तो आसपास के शमशान में जलने वाली चिताओं की स्थिति की जानकारी क्यों नहीं की थी क्या यही हिंदुत्व है तुम्हारा…!! आखिर वह हमारे एक सवाल का जवाब भी दे दें कि क्या वो लोग अमर हैं क्या वे कभी मरेंगे नहीं क्या उनकी चिता नहीं जलाई जाएगी यदि किसी भी शमशान घाट में कोई मृत शरीर को मुखाग्नि दी जाती है तो उन्हें कौन सी ऐसी स्थिति है जिससे उनकी जान पर खतरा मंडराने लगता है……??








