12 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में तीन बम रखे गए हैं और दोपहर 2 बजे तक परिसर खाली न करने पर विस्फोट हो जाएगा। ई-मेल में पाकिस्तान और तमिलनाडु की कथित मिलीभगत का भी जिक्र था, साथ ही यह कहा गया कि “एजेंसियों को इस बात की भनक तक नहीं लगेगी कि यह कोई अंदरूनी साजिश है”।
घटना का विवरण
समय और प्राप्तकर्ता: ई-मेल लगभग 40 मिनट पहले (दोपहर के आसपास) प्राप्त हुआ। यह कोर्ट के अधिकारियों को भेजा गया था। प्रतिक्रिया: धमकी मिलते ही हाईकोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा दिया गया। जजों ने अपने सत्र रोक दिए, वकीलों और स्टाफ को बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
जांच की स्थिति: दिल्ली पुलिस ने इसे ‘बम धमकी’ करार दिया है और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रही है। साइबर सेल ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, जिसमें IP एड्रेस और मेल आईडी की जांच शामिल है। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन तलाश जारी है।
पृष्ठभूमि : ऐसी धमकियां भारत में हाल के महीनों में बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए:
अगस्त 2025 में दिल्ली के 50 से अधिक स्कूलों को बम धमकी वाले ई-मेल मिले, लेकिन कुछ नहीं मिला।
अप्रैल 2025 में द्वारका कोर्ट और पटना सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकियां प्राप्त हुईं, जो नकली साबित हुईं।
मई 2025 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को भी बम धमकी मिली, जिसके बाद परिसर खाली कराया गया।
ये घटनाएं अक्सर नकली साबित होती हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी की पहचान के लिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और ई-मेल कंपनियों से सहयोग लिया जा रहा है।
अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें, क्योंकि जांच जारी है।








