निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां और मुसहरी प्रखंड को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित आथर घाट पुल उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुल में दरारें आ गई हैं, सीमेंट उखड़ने लगा है और रैलिंग पहले ही टूट चुकी है। इससे पुल की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि इस पुल का शिलान्यास वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। निर्माण कार्य बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा मैसर्स गणेशराम डोकनिया को सौंपा गया था। करीब 9 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जब पुल लगभग तैयार हो गया, तो उसमें खामियां उजागर होनी शुरू हो गई हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हल्के वाहन गुजरते ही पुल में कंपन महसूस होती है, जिससे पहले से मौजूद दरारें और चौड़ी हो रही हैं। पुल के किनारों से सीमेंट झड़ रही है और लोहे के सरिए तक बाहर झांक रहे हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों में भय का माहौल है कि कहीं यह पुल किसी बड़ी दुर्घटना का कारण न बन जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुल निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया है।
हालांकि, अभी तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड और जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, पुल की स्थिति की जांच के लिए जल्द ही एक तकनीकी टीम भेजी जा सकती है।
जनता का कहना है कि 9 साल के लंबे इंतजार के बाद उन्हें सुविधा की जगह खतरा मिला है। योजनाओं को केवल कागज पर पूरा दिखाया जा रहा है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। ग्रामीणों ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।








