इस सिरप से भारत में 33 बच्चों की जान चली गई, जानिए और सावधान रहिए

जैसा कि आप सभी जानते और देखते ही होंगे कि बच्चें बीमार होते हैं तो बहुत परेशानी होती हैं और कड़वाहट से सरकार ठीक होने के लिए दवा भी नहीं लेते।

इसी कड़वाहट खत्म करने के लिए भारत की एक कंपनी ने कफ सिरप बनाई लेकिन उससे भारत में 33 बच्चों की जान चली गई। आइए जानते हैं क्या हैं पूरा मामला?

World Health Organisation

5 अक्टूबर को वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (WHO) ने भारतीय कंपनी द्वारा बनाई गई 4 सिरप को खतरा बताते हुए अलर्ट जारी किया हैं। ये सिरप खासतौर से बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुई हैं,इन कंपनियों ने बहुत ही खतरनाक कैमिकल इस सिरप में इस्तेमाल किया हैं।

ये भी पढ़े:Indian Railways : भैंसों के झुंड को नहीं झेल पाई वंदे भारत ट्रेन, खुल गया इंजन का एक हिस्सा, भैंसों की मौत !

WHO की रिपोर्ट के अनुसार इस सिरप में कंपनी ने Diethylene Glycol और Ethylene Glycol नामक कंपाउंड भारी मात्रा में इस्तेमाल किया हैं। इसी के कारण इन बच्चों की जान चली गई। बच्चों को मीठा स्वाद देने के लिए इस कंपाउंड को कंपनी ने दवा में इस्तेमाल किया था।

world health organisation

आमतौर पर ये कंपाउंड अधिकतम 0.14 मिलीग्राम प्रति किलो तक मिलाया जा सकता हैं। पर कंपनी ने 1 ग्राम प्रति किलो से ज्यादा मिलाया जिससे बिचारे बच्चे इस सिरप का शिकार हो गए।

Stages Of Diethylene Glycol 

पहला फेज:पहले दो दिन में पेट में दर्द और दिमाग सुन्न पड़ने लगता हैं।

दूसरा फेज:तीसरे चौथे दिन किडनी फेलियर या ब्लड प्रेशर बढ़ना,कभी कभी हृदय की गति अनियमित अभी हो जाती हैं।

तीसरा फेज:पांचवे से दसवें दिन तक व्यक्ति पैरालिसिस हो सकता हैं। उसकी मौत भी हो सकती हैं।

Stay Alert

WHO ने कहा कि चारों सिरप हरियाणा की मेडेन फार्मास्यूटिकल कंपनी बना रही है। सवालों में घिरे चारों कफ-सिरप के नाम प्रोमेथाजिन ओरल सॉल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ-सिरप, मकॉफ बेबी कफ-सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप हैं। फॉर्मास्यूटिकल्स कंपनी ने अभी तक WHO को इन सिरप के लिए सुरक्षा और क्वालिटी की गारंटी नहीं दी है।

cough syrup

कंपनी के अपनी वेबसाइट भी बंद करदी हैं ताकि कुछ पता न लगाया जा सके और कंपनी की जानकारी सामने न आ पाए।इस घटिया कप सिरप से गांबिया 66 बच्चों की जान चली गई वहीं भारत में इस खतरनाक कंपाउंड ने 33 बच्चों की जान ले ली।

आपको बता दें कि Australia और Europe जैसे देशों में यह कंपाउंड बैन हो चुका हैं। भारतीय सरकार को इस पर सक्त कदम उठाने की ज़रूरत हैं औरक साथ ही लोगों को भी बिना डॉ. की सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग नहीं करना है।

यह खबर आपके लिए हमारे साथी Harsh Pathak ने लिखी हैं। जानकारी कैसी लगी ऐप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

इस लिंक पर क्लिक कर आप हमारे YouTube चैनल पर जा सकते है।

Related Posts

लड़ते रहिए जाति और धर्म के नाम, मरने की व्यवस्था कर दी है धंधेबाज लोगों ने!
  • TN15TN15
  • August 26, 2026

  दिल्ली में महंगी एंटी-कैंसर दवाओं की कालाबाजारी…

Continue reading
इस पत्रकार ने तो नितिन गडकरी के इथेनॉल ब्लेंडिंग की कलई ही खोल दी!
  • TN15TN15
  • June 30, 2026

  विवेक कुमार- छोटे से गांव बिरनीहाट के…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

एशियन गेम्स में दूसरा गोल्ड, सिल्वर भी मिला, पीएम मोदी ने कहा- ‘Proud Moment’

एशियन गेम्स में दूसरा गोल्ड, सिल्वर भी मिला, पीएम मोदी ने कहा- ‘Proud Moment’

CJP का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गांधी जयंती से सीजेपी का आंदोलन! 

CJP का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गांधी जयंती से सीजेपी का आंदोलन! 

How high entrance fees and systemic barriers lock India’s marginalized youth out of legal education

How high entrance fees and systemic barriers lock India’s marginalized youth out of legal education

जंगली जानवरों का आतंक, वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करे

जंगली जानवरों का आतंक, वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करे

सैक्टर-142 के साप्ताहिक बाजार के वेंडर्स की रोजी-रोटी का संकट – सीटू ने थानाध्यक्ष सैक्टर-142 को सौंपा ज्ञापन

सैक्टर-142 के साप्ताहिक बाजार के वेंडर्स की रोजी-रोटी का संकट – सीटू ने थानाध्यक्ष सैक्टर-142 को सौंपा ज्ञापन

SIR विवाद पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, ‘वोट चोरी’ और ज्ञानेश कुमार को लेकर कह दी बड़ी बात 

SIR विवाद पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, ‘वोट चोरी’ और ज्ञानेश कुमार को लेकर कह दी बड़ी बात