अमरोहा के 62 और हरिद्वार के 25 गांवों की जमीन भी की जाएगी अधिग्रहित
बिजनौर जिले के लिए खुशखबरी है कि गंगा एक्सप्रेस-वे अब जिले से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के दूसरे चरण में बिजनौर के 117 गांव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, अमरोहा के 62 और हरिद्वार के 25 गांवों की जमीन भी अधिग्रहित की जाएगी। इस चरण की कुल लंबाई 146.24 किलोमीटर होगी।
यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि प्रताप शाही ने बिजनौर और अमरोहा के डीएम को पत्र भेजकर बंदोबस्त मानचित्र उपलब्ध कराने को कहा है। डीपीआर तैयार करने का काम एक निजी कंसल्टेंसी कंपनी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर जिले में काफी समय से मांग चल रही थी। बीच में रूट बदलने की चर्चा पर लोगों ने विरोध भी किया था, जिसके बाद अब बिजनौर से एक्सप्रेस-वे निकालना तय हो गया है। जिन गांवों से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा, उनमें चांदपुर तहसील के रुस्तमपुर, ढाकी, टांडा, मलेशिया, शाहपुर, चुखेड़ी, सौरभनगर, जौनपुर, राजोपुर बंगर, ताहरपुर गुलाम, हिलालपुर, रुकनपुर, फैजीपुर कस्बा, चांदपुर, पीपलसाना, महमूदपुर कस्बा, कराल, रवाना दरगा, खेड़की, सेरीसन, बाजपुर, चमरौला, अकबरपुर तिगरी, फतेहपुर, उमरी पीर, महमूदपुर, चक उमरी पीर, पित्तनहेड़ा, हसन महमूद, टूंगरी, तुरतीपुर चक, जौंगी औधा, सिकरौड़ा, हीमपुर दीपा और बिजनौर तहसील के जलालपुर बुच्चा, उलेड़ा, झाल, फतेहपुर कलां, बाजिदपुर, खासपुर, खैरपुर, नंगली, निलोहा, चौकपुरी, फतेहपुर खुर्द, मुकेयादपुर, धर्मपुरा, महनंगली, राघोरामपुर, सारंगपुर, मोहिनपुर दरगा, शाहपुर खेम्मा, लाडपुर, इस्लामपुर पाहू, इफ्तखारपुर दरगा, आलमपुर धापी, जहांगीरपुर लालू, मिर्जापुर पूरन, नसीरी, पेद्दा, महमूदपुर नौआबाद, कच्छपुरा, इस्माइल की नंगली, गजरौला अचपल, सिप, मुकीमपुर धर्मसी, बेगमपुर, इस्सापुर जंगल, मुधसुदनपुर जागन, इस्लामपुर जलाल, अलीपुर मुकान, पपार खुर्द, खन्ना पट्टी, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, अलकपुर, मंडावर रूरल, मौहंडिया, मोहसनपुर चकरा, शेरपुर जलाल, माहेश्वरी, बीरपुर, अलीपुर नंगला, मुकरमपुर, नंदरामपुर, सुल्तानपुर डंगर, माचकी, रानीपुर, जफरपुर आशु, केलपुर, खानपुर माधो, खुड़ाहेड़ी, ग्यासपुर, दौलतपुर, भवानीपुर और नजीबाबाद तहसील के चंदीक, सपीपुर बंगर, बारखुर्दरपुर गोपाल, अलीपुर द्वारका, डूंगरपुर, कामराजपुर, तेलीनंगली, तिसोत्तरा, केशोपुर, शरीफपुर, गौसपुर बिल्स, सपीपुर बांगर, गौसपुर अथमाली, कासमपुर शामिल हैं। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से जिले में आवाजाही आसान होगी और आसपास के क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा। व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।








