वैश्विक सुमूद बेड़ा, जिसमें दुनिया भर के 1000 कार्यकर्ता 100 नावों में सवार गज़ा की इजराइल द्वारा नाकेबंदी को तोड़ने के लिए जा रहे थे, को गज़ा से 1000 किलोमीटर पहले ही ग्रीस के पास इजराइल द्वारा रोककर 175 कार्यकर्ताओं को नाव से उतार कर निर्वासित करने और संचालन समिति के दो सदस्यों फिलीस्तीनी मूल के स्पेन के नागरिक सैफ अबुकेशक व ब्राजील के थियागो अवीला को गिरफ्तार कर इजराइल ले जाने की कार्यवाही की हम भत्र्सना करते हैं। यह कार्यवाही पूर्णतया गैर-कानूनी है क्योंकि इजराइल द्वारा अंतर्राष्टीय कानूनों का उल्लंघन है।
पिछले तीन वर्षों से इजराइल द्वारा गज़ा व वेस्ट बैंक पर भी लगातार हमले जारी हैं। पिछले वर्ष युद्ध विराम के बाद से अभी तक गज़ा में 800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। पिछले तीन सालों में तो 75,000 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें ज्यादातर महिला एवं बच्चे हैं। गज़ा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। इजराइल ने वहां खाना, पानी, दवाओं पर भी रोक लगा दी एवं संयुक्त राष्ट संघ द्वारा इजराइली शरणार्थियों के लिए बनाई गई संस्था को भी काम नहीं करने दे रहा। उसने भूख को भी एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।
दक्षिण अफ्रीका द्वारा इजराइल के खिलाफ अंतराष्टीय न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया तो न्यायाधीशों ने फैसला दिया कि इजराइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू व रक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर युद्ध अपराधी हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया।
इधर यूरोप के कई देशों स्पेन, इटली, फ्रांस, तुर्की, स्वीडन, डेनमार्क, बेलारूस आदि ने इजराइल के खिलाफ भूमिका ली है। उसे यूरोपीय परिषद से निकालने की बात हो रही है। इटली की प्रधान मंत्री जियार्जिया मेलोनी ने कहा कि एक मां व औरत के रूप में एक ऐसे आदमी के साथ मैं नहीं खड़ी हो सकती जिसने महिलाओं और बच्चों को मारा है। चीन ने इजराइल को नक्शे से हटा कर वहां फिलीस्तीन लिख दिया है।
अब समय आ गया है कि जिस तरह एक समय रंगभेद नीति की वजह से दक्षिण अफ्रीका का वैश्विक बहिष्कार हुआ था उसी तरह इस दुनिया के देशों को इजराइल का बहिष्कार कर देना चाहिए।
हम मांग करते हैं कि सैफ अबुकेशक व थियागो अवीला के साथ साथ इजराइल की जेलों में बंद करीब 10,000 फिलीस्तीनियों को भी छोड़ा जाए। हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को जितने बंधक बनाए थे वे सभी जिंदा या मुर्दा छोड़ दिए गए हैं। संयुक्त राष्ट संघ जल्द से जल्द पहल कर इजराइल-फिलास्तीन मुद्दे को कोई सर्वमान्य हल निकाले।
पिछले तीन वर्षों से इजराइल द्वारा गज़ा व वेस्ट बैंक पर भी लगातार हमले जारी हैं। पिछले वर्ष युद्ध विराम के बाद से अभी तक गज़ा में 800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। पिछले तीन सालों में तो 75,000 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें ज्यादातर महिला एवं बच्चे हैं। गज़ा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। इजराइल ने वहां खाना, पानी, दवाओं पर भी रोक लगा दी एवं संयुक्त राष्ट संघ द्वारा इजराइली शरणार्थियों के लिए बनाई गई संस्था को भी काम नहीं करने दे रहा। उसने भूख को भी एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।
दक्षिण अफ्रीका द्वारा इजराइल के खिलाफ अंतराष्टीय न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया तो न्यायाधीशों ने फैसला दिया कि इजराइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू व रक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर युद्ध अपराधी हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया।
इधर यूरोप के कई देशों स्पेन, इटली, फ्रांस, तुर्की, स्वीडन, डेनमार्क, बेलारूस आदि ने इजराइल के खिलाफ भूमिका ली है। उसे यूरोपीय परिषद से निकालने की बात हो रही है। इटली की प्रधान मंत्री जियार्जिया मेलोनी ने कहा कि एक मां व औरत के रूप में एक ऐसे आदमी के साथ मैं नहीं खड़ी हो सकती जिसने महिलाओं और बच्चों को मारा है। चीन ने इजराइल को नक्शे से हटा कर वहां फिलीस्तीन लिख दिया है।
अब समय आ गया है कि जिस तरह एक समय रंगभेद नीति की वजह से दक्षिण अफ्रीका का वैश्विक बहिष्कार हुआ था उसी तरह इस दुनिया के देशों को इजराइल का बहिष्कार कर देना चाहिए।
हम मांग करते हैं कि सैफ अबुकेशक व थियागो अवीला के साथ साथ इजराइल की जेलों में बंद करीब 10,000 फिलीस्तीनियों को भी छोड़ा जाए। हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को जितने बंधक बनाए थे वे सभी जिंदा या मुर्दा छोड़ दिए गए हैं। संयुक्त राष्ट संघ जल्द से जल्द पहल कर इजराइल-फिलास्तीन मुद्दे को कोई सर्वमान्य हल निकाले।








