यमुना ऑथोरिटी कर रही किसानों के साथ वादाखिलाफी : सुधीर त्यागी

ऋषि तिवारी
ग्रेटर नोएडा। इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयारी की कगार पर है लेकिन जेवर क्षेत्र का किसान आज भी मझधार में है यमुना ऑथोरिटी किसानों को लूटने का काम कर रही है किसान को 3100 रुपए मीटर के दाम दे रही है और यमुना ऑथोरिटी दो दो लाख रुपए मीटर में प्लॉट बेच रही है… उसकी नुमाइश लगवाती है उसको ऊंचे दाम में बेचने का काम रही है। जेवर क्षेत्र का किसान ऑथोरिटी के खिलाफ रोज आवाज उठाते है और उसी क्रम में किसान कल्याण परिषद और किसान मजदूर की आवाज के बैनर तले सुधीर त्यागी क्षेत्र के किसानों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के डीएम साहब , यमुना ऑथोरिटी के मुख्य कार्य पालक अरुण वीर सिंह, adm ala एसडीएम जेवर, और गौतम बुद्ध नगर के संसद महेश शर्मा जी और जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह जी और समस्त प्राधिकरण अधिकारियों को मिलकर ज्ञापन दे चुके है। लेकिन यमुना ऑथोरिटी की मनमानी पर ये सरकार लगाम लगाने पर नाकाम हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बहुत अच्छी तरह से मजदूर की किसान की मदद करना चाहते है। चाहते ही नहीं सबका साथ सबका विकास और सबके साथ और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नारों को भी साकार कर रहे है इसी कड़ी में जेवर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह जी किसानों की मजदूरों की युवाओं की महिलाओं की बेरोजगारों की दयनीय हालत को सुधारने के लिए अथक प्रयास कर रहे है। लेकिन यमुना प्राधिकरण के अफसरान सिंचाई विभाग के अफसरान, PWD के अफसरान किसी तरह की हालात क्षेत्र सुधारने के लिए काम नहीं कर रहे है। इन्हीं समस्याओं को लेकर जैसे क्षेत्र में जलभराव किसानों को उचित मुआवजा न मिलना , जिन किसानों की ऑथोरिटी जमीन छीन रही है उनके बच्चे को भी रोजगार नहीं दे रही न ही किसान के जमीन का उचित मुआवजा दे रही है और तो और किसान नेता सुधीर त्यागी ने बताया कि अब तक जिन गांवों की जमीन अधिग्रहण हो गई है उन गांवों के किसानों को भी विस्थापित नहीं किया गया है और जितने गांव एयरपोर्ट बनने में चले गए है आज तक उनका कोई सुनने वाला नहीं हैं।

जेवर क्षेत्र में यमुना ऑथोरिटी किसानों को लूटने का काम कर रही है जिससे जेवर क्षेत्र के किसानों में बहुत भारी रोष है सुधीर त्यागी ने बताया कि अगर यमुना ऑथोरिटी ने गावों की आबादी छोड़ने के लिए और मुआवजा बढ़ाने के लिए सही समय पर काम नहीं किया तो किसान यमुना ऑथोरिटी को जमीन नहीं देंगे इसके लिए किसानों को सड़क से संसद तक या सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़नी पड़ी तो किसान लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे मै माननीय माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से और अपने जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह जी से किसानों की तरफ से ये मांग करता हूं जो 2013 में किसान कानून बना और लागू हुआ उसके हिसाब से हमें सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा मिले और 10 % प्लाट मिले और किसानों के बच्चों को जेवर एयरपोर्ट में और जो कंपनियां आ रही है उसमें 80 % नौकरी क्षेत्र के नौजवानों को मिले ।

  • Related Posts

    ‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं…’, IIT दिल्ली में ऐसा क्यों बोले पीएम मोदी
    • TN15TN15
    • August 8, 2026

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को जीवन की…

    Continue reading
    कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार!
    • TN15TN15
    • August 8, 2026

    84वें भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर दिल्ली में…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    CM विजय को बड़ा झटका! परिसीमन पर बुलाई मीटिंग से 37 सांसद गायब

    • By TN15
    • August 8, 2026
    CM विजय को बड़ा झटका! परिसीमन पर बुलाई मीटिंग से 37 सांसद गायब

    रांची: छात्रों से मिली CJP टीम, अभिजीत दीपके के आने पर दिया अपडेट

    • By TN15
    • August 8, 2026
    रांची: छात्रों से मिली CJP टीम, अभिजीत दीपके के आने पर दिया अपडेट

    बाढ़ ही खा रही  थी फसल को : खुद एनटीए ने ही लीक किए पर्चे!

    • By TN15
    • August 8, 2026
    बाढ़ ही खा रही  थी फसल को : खुद एनटीए ने ही लीक किए पर्चे!

    PAK एजेंट के हनी ट्रैप में फंसा वायुसेना का अधिकारी, गिरफ्तार  

    • By TN15
    • August 8, 2026
    PAK एजेंट के हनी ट्रैप में फंसा वायुसेना का अधिकारी, गिरफ्तार  

    रांची छात्र आंदोलन पर उद्धव ठाकरे बोले, ‘अगर जरूरत पड़ी तो मैं…’

    • By TN15
    • August 8, 2026
    रांची छात्र आंदोलन पर उद्धव ठाकरे बोले, ‘अगर जरूरत पड़ी तो मैं…’

    मूड खराब है तो मत आओ ऑफिस, इस कंपनी ने लागू की Unhappy Leave पॉलिसी

    • By TN15
    • August 8, 2026
    मूड खराब है तो मत आओ ऑफिस, इस कंपनी ने लागू की Unhappy Leave पॉलिसी