विश्व प्रसिद्ध श्रावणी कांवड़ यात्रा : कांवड़ियों लिए बिहार सरकार बना रही टेंट सिटी

राम नरेश

पटना। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान कांवड़ियों के ठहरने के लिए बांका, मुंगेर और सुल्तानगंज में टेंट सिटी बनाई जा रही है। इन टेंट सिटी में श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।

सावन महीने की शुरुआत होते ही लाखों कांवड़िये भागलपुर के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए जाते हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए बिहार पर्यटन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।पर्यटन विभाग ने श्रावणी मेला के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों की एक टीम ने सुल्तानगंज से लेकर झारखंड बॉर्डर तक मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया है। इस दौरान जो भी कमियां दिखाई दी, उन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कांवड़ियों के ठहरने के लिए बांका, मुंगेर और सुल्तानगंज में टेंट सिटी बनाई जा रही है। इन टेंट सिटी में श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।

मुंगेर के धोबई में 200, खैरा में 200 और बांका के अबरखा में 600 बेड की टेंट सिटी बन रही है।सुल्तानगंज में भी 200 कांवड़ियों के लिए टेंट सिटी में ठहरने की व्यवस्था की गई है।

हर टेंट सिटी में 500 से 1000 कांवड़ स्टैंड बनाए जा रहे हैं। श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज में गंगा तट पर प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रहेगी। इसके साथ ही गंगा आरती की भी व्यवस्था की गई है। कांवड़ियों के बैठने के लिए जगह-जगह पर बेंच और कांवड़ रखने के लिए सुंदर स्टैंड बनाए जा रहे हैं।

कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था की गई है। कचरा संग्रहण और निस्तारण का काम लगातार चलता रहेगा। पूरे मेला क्षेत्र में पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। शौचालयों की नियमित सफाई की जाएगी। इसके अलावा, अगर किसी श्रद्धालु को कोई परेशानी होती है, तो उसके समाधान के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि पदाधिकारियों की टीम ने श्रावणी मेला स्थान सुल्तानगंज से मेला पथ में झारखंड बॉर्डर तक निरीक्षण किये हैं, जो भी कमी दिखाई दी उसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मेले में प्रदेश के बाहर के भी बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंचते हैं।

विभाग इस बार इस सोच के साथ काम कर रहा है कि जब कांवड़िए यहां से वापस अपने राज्य लौटें तो बिहार की एक बेहतर छवि लेकर लौटें। उन्होंने बताया कि टेंट सिटी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि कांवड़ियों का मनोरंजन हो सके। देवघर स्थित बाबा भोलेनाथ मंदिर, भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।

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