अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अगस्त, 2025 को कहा कि वह रूस से तेल खरीदने के लिए चीन जैसे देशों पर तत्काल टैरिफ लगाने की जरूरत नहीं देखते। उन्होंने फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी को बताया कि हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का में हुई शिखर वार्ता “बहुत अच्छी” रही, जिसके चलते फिलहाल चीन पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि दो या तीन सप्ताह में इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
यह बयान ट्रंप के उस रुख से मेल खाता है जिसमें वह यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए पहले ही 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया है। लेकिन चीन को अभी तक ऐसी कार्रवाई से राहत मिली हुई है। ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव और आयात शुल्क को कम करना है। चीन ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि रूस से तेल खरीदना पूरी तरह वैध और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप है, और वह अमेरिकी दबाव में इसे नहीं रोकेगा।







