एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि BSP की पिछली आल इण्डिया की हुई बैठक में पार्टी संगठन को पोलिंग बूथ स्तर तक तैयार करने व जनाधार को बढ़ाने आदि को लेकर दिये गये दिशा-निर्देशों सम्बंधी फीडबैक लेने के बाद उल्लेखित कमियों को समयबद्ध तरीके से सुधार करने के लिये नये दिशा-निर्देश देते हुये मायावती ने कहा कि पंजाब राज्य में पार्टी संगठन को आगामी 9 अक्टूबर को होने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि के कार्यक्रम को पिछली वर्ष के दिशा-निर्देशानुसार ही पूरी तैयारी के साथ सफल बनाना है। इसके साथ ही, अगले वर्ष दिनांक 15 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाले ‘जनकल्याणकारी दिवस के मौके पर BSP के आर्थिक सहयोग को BSP पंजाब स्टेट यूनिट को पिछली बार से ज्यादा बेहतर करना है जो अम्बेडकरवादी कारवों व मूवमेन्ट को आगे बढ़ाने के लिये जरूरी है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि BSP पंजाब का चुनाव भी, उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड राज्य की तरह, बिना किसी से कोई गंठबंधन व समझौता किये हुये अकेले अपने बलबूते पर ही लड़ेगी, जिसकी खास वजह चुनावी गठबंधन से BSP को सीट व वोट प्रतिशत दोनो में होने वाले घाटे (नुकसान) को लेकर पार्टी के लोगों के मनोबल को गिराने से बचाना है. ऐसे में विरोधियों के सभी साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का डट कर सामना करते हुये बेहतर रिज़ल्ट लाने हेतु पूरी तैयारी जारी रखनी है।








