दरअसल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के एक चश्मदीद गवाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को जो जानकारी दी है, वह चौंकाने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, इस गवाह ने बताया है कि हमले के बाद तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने जश्न में हवा में चार राउंड फायरिंग की थी। जांच एजेंसियों ने इस स्थानीय चश्मदीद को स्टार प्रोटेक्टेड विटनेस घोषित किया है। NIA को जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद से यह गवाह मिला। यह व्यक्ति हमले के ठीक बाद घटनास्थल के पास था और उसका आतंकियों से आमना-सामना हो गया था।
एक जांच अधिकारी ने Indian Express को बताया, “आतंकियों ने उसे रोका और कलमा पढ़ने को कहा. उसने स्थानीय कश्मीरी लहजे में कलमा पढ़ा, जिससे आतंकियों को शक नहीं हुआ और उन्होंने उसे छोड़ दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने हवा में चार फायर किए.” गवाह के बयान के आधार पर NIA ने घटनास्थल से चार खाली कारतूस बरामद किए हैं।
गवाह ने यह भी बताया कि उसने परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद नाम के दो स्थानीय लोगों को पहाड़ी इलाके में आतंकियों का सामान संभालते देखा था। कुछ समय बाद आतंकी वह सामान लेकर निकल गए। जांच में खुलासा हुआ है कि परवेज और बशीर को आतंकियों की सहायता करने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, 21 अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे तीन पाकिस्तानी आतंकी परवेज के घर पहुंचे। वहां उन्होंने चार घंटे तक पूरे इलाके की रेकी की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, टूरिस्ट स्पॉट्स और रूट्स की जानकारी ली। जाते वक्त परवेज की पत्नी से मसाले और चावल पैक करवाए और 500 रुपये के पांच नोट दिए। बाद में वे बशीर से मिले और 22 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे तैयार रहने को कहा।
NIA को शक है कि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी सुलेमान शाह की भूमिका रही है, जो इससे पहले एक सुरंग प्रोजेक्ट में काम कर रहे 7 मजदूरों की हत्या में भी शामिल था।
NIA अब इस हमले के पीछे के पूरे आतंकी नेटवर्क, स्थानीय सहयोगियों और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से लिंक की जांच कर रही है। लश्कर-ए-तैयबा से संबंध की पुष्टि पहले ही हो चुकी है।








