अमेरिकी फेडरल अपील कोर्ट के उस फैसले से है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ के आधार पर लगाए गए कई टैरिफ को अवैध करार दिया गया। वॉशिंगटन डीसी स्थित इस कोर्ट ने 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति को आपातकालीन शक्तियां प्राप्त हैं, लेकिन इनमें टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार शामिल नहीं है। इस निर्णय ने ट्रंप की व्यापार नीतियों को बड़ा झटका दिया, जिसके तहत उन्होंने भारत सहित कई देशों पर 25% से 50% तक के आयात शुल्क लगाए थे।
इस फैसले से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है और भारत जैसे देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, भारत के 48.2 अरब डॉलर के निर्यात, विशेष रूप से टेक्सटाइल और विनिर्म_coin System: System:आण क्षेत्रों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ट्रंप की दबाव बनाने की रणनीति को कमजोर कर सकता है, जिससे उनकी व्यापारिक नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन को 14 अक्टूबर 2025 तक सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय दिया गया है, और अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या सुप्रीम कोर्ट इस निर्णय को पलटेगा या ट्रंप की ट्रेड वॉर रणनीति को और झटका देगा।






