राजापाकर।गुरुवार की रात से शुरू हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल इस असमय की वर्षा के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है। कटाई के लिए तैयार गेहूं की बालियां पानी में भीगने और तेज हवाओं से गिरने के कारण खराब हो गई हैं। किसानों का कहना है कि इस बारिश से न केवल फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है अपितु उपज में भी भारी कमी आने की आशंका है।हमने पूरे साल कड़ी मेहनत की और अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन इस बेमौसम बारिश ने सब कुछ चौपट कर दिया। पानी भरने से गेहूं के दाने काले पड़ जाएंगे और बाजार में इसकी कीमत नहीं मिल पायेगा। हमारे लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है। अनेक किसान शंभूनाथ राय लालबाबू सिंह सीताराम सिंह शिवनाथ सिंह हरिहर सिंह आदि ने बताया कि यही गेहूं की फसल से किसान साल भर आटा खाते हैं एवं उसके भूसे को अपने जानवरों को साल भर खिलाते हैं। भारी बारिश से उनकी आशा पर पानी फिर गया है। विगत कुछ वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है कि लगातार तीसरी बार बारिश ने रवि की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
किसानों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार व अन्य समस्याओं से जूझ रहे किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश एक और बड़ा झटका है। किसानों ने सरकार से यथा शीघ्र नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।








