भोजन के अधिकार अंतर्गत बुकिंग के आधार पर अनिवार्य रूप से घर-घर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना प्रशासनिक जवाबदेही : अजय खरे

गैस गोदामों एवं पेट्रोल पंपों पर अप्रत्याशित भीड़ होना अच्छी बात नहीं

रीवा । समता सम्पर्क अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने कहा कि बुकिंग के आधार ईंधन गैस सिलेंडरों की घर घर आपूर्ति व्यवस्था ठप किए जाने के सवाल पर जिला प्रशासन यदि ईंधन गैस सिलेंडर प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता तो गैस सिलेंडर गोदामों में अनावश्यक भीड़ की समस्या से शीघ्र ही छुटकारा मिल जाता। श्री खरे ने कहा कि गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के लिए मारा-मारी की अप्रिय स्थिति निर्मित होना अच्छी बात नहीं है।

लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने कहा कि अभी भी आम आदमी को गैस सिलेंडर लेने के लिए काफी भाग दौड़ करनी पड़ रही है। इधर देखने को यह मिला कि गैस सिलेंडर की घर-घर आपूर्ति करने की जगह प्रशासन के द्वारा सिलेंडर गोदामों पर भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस भेजकर लाइन लगवाना शुरू करवा दिया। इस बात से जनसाधारण में यह संदेश गया कि लोगों को गोदाम में ही सिलेंडर मिलेगा और फिर बड़ी संख्या में भरा गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की बढ़ोतरी हुई और लोगों की परेशानी बढ़ी। श्री खरे ने कहा कि गोदाम से सिलेंडर लेने कै बावजूद आम उपभोक्ताओं से अनावश्यक रूप से होम डिलीवरी चार्ज बसूला जाना सरासर गलत है। अव्यवस्था का गलत लाभ कालाबाजारी करने वालों ने उठाया। लोगों ने मजबूरी में अधिक दाम देने के बाद भी भरा गैस सिलेंडर मिल जाने पर राहत महसूस की।

श्री खरे ने कहा कि इसी तरह तमाम पेट्रोल पम्प केन्द्रों में गुरुवार 25 मार्च को बड़ी संख्या में डीजल पेट्रोल लेने के लिए मोटर वाहनों की भीड़ हो जाने से अराजक माहौल निर्मित हो गया। ऐसा लगता है कि लोगों ने मध्य पूर्व एशिया के युद्ध के लंबे चलने की आशंका और अफवाहों के आधार पर अपने-अपने वाहनों की टंकी फुल करवाई। इधर प्रशासन के द्वारा जिले में पेट्रोल-डीजल को लेकर स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताया जा रहा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने साफ कहा है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई लगातार जारी है। किसी भी तरह की कमी नहीं आएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक न करें। प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है जो अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

श्री खरे ने कहा कि यह भारी विडंबना है कि एक तरफ लोगों को खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर लेने के लिए समय सीमा निर्धारित है और आने वाले समय में गैस सिलेंडर में 14.2 किलो ईंधन गैस को 4.2 किलो कम करके 10 किलो उपलब्ध करने का प्रस्ताव है वहीं पेट्रोल डीजल को लेकर इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। श्री खरे ने कहा कि ईंधन गैस आपूर्ति भोजन के अधिकार से जुड़ा हुआ है। प्रशासन की जवाबदेही है कि आम उपभोक्ताओं के घरों में बुकिंग के आधार पर गैस सिलेंडर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पीएनजी के लिए अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाए।

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