मुलाकात का बैकग्राउंड
हालिया घटनाक्रम: गणेश चतुर्थी (27 अगस्त 2025) के अवसर पर उद्धव ठाकरे अपने परिवार (पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य) के साथ राज ठाकरे के घर पहुंचे थे। यह 22 साल बाद ऐसा हुआ जब उद्धव ने राज के घर कदम रखा। राज ने खुद फोन करके न्योता दिया था, और दोनों ने एक साथ गणपति पूजा की। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे जैसे नेताओं ने भी राज के घर विजिट की, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई।
पिछली मुलाकातें:
27 जुलाई 2025: उद्धव के जन्मदिन पर राज ने मातोश्री जाकर बधाई दी
गठबंधन पर बड़ा अपडेट
संभावनाएं: महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में मनसे को शामिल करने की चर्चा तेज है। 8 सितंबर 2025 को कांग्रेस नेताओं ने उद्धव के साथ बैठक में इस पर बात की। उद्धव ने कहा, “हम भाई तय करेंगे कि आगे क्या करना है।” संजय राउत ने स्पष्ट किया कि अभी औपचारिक गठबंधन नहीं हुआ, लेकिन “राज ठाकरे साफ करेंगे।” राज ने नासिक सम्मेलन में कहा, “मीडिया ने मेरे नाम से गलत बातें फैलाईं; चुनाव से पहले स्थिति का जायजा लेंगे।”
शर्तें: उद्धव ने अप्रैल 2025 में शर्त रखी – “पुराने झगड़े खत्म करने को तैयार, लेकिन महाराष्ट्र के हित के खिलाफ किसी को घर में जगह नहीं देंगे।” यह बीजेपी और शिंदे गुट पर निशाना था।
राजनीतिक प्रभाव: बीएमसी चुनाव (2026) से पहले यह गठबंधन विपक्ष को मजबूत कर सकता है। मनसे की कुछ सीटें न उतारने पर शिवसेना को फायदा हो सकता है। हालांकि, राज का ‘वेट एंड वॉच’ रुख और उनकी बीजेपी/शिंदे से मुलाकातें (जैसे फडणवीस से) सस्पेंस बनाए हुए हैं। एकनाथ शिंदे ने कटाक्ष किया, “कुछ ‘नए लोग’ राज के घर आ रहे हैं।”
क्या होगा आगे?
ठाकरे भाइयों की एकता मराठी अस्मिता और स्थानीय मुद्दों (जैसे उद्योग गुजरात जाने) पर केंद्रित है। अगर गठबंधन फाइनल होता है, तो महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर हो सकता है। फिलहाल, दोनों पक्ष सतर्क हैं, लेकिन सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। ज्यादा अपडेट्स के लिए आधिकारिक बयानों का इंतजार।








