हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर कांग्रेस MP बोले, ‘अब खेल में…’

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी अब नीले की जगह केसरिया यानी भगवा रंग की होगी। इस पर बिहार के कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार की संकीर्ण विचारधारा को जाहिर करता है। खेल में भी अब भगवाकरण होगा, ये तो आश्चर्य की बात है। उन्होंने कहा कि पूर्व कप्तान ने भी इस पर आपत्ति की है, कम से कम इसका भी तो लिहाज करना चाहिए।

 

पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने उठा सवाल

बता दें कि भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की जर्सी लाए जाने की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने इस बदलाव पर चिंता जताई है. वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे सामान्य बदलाव बताते हुए इसका समर्थन किया है, दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस फैसले को प्रतीकों और पहचान से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।

बीजेपी सांसद ने क्या कहा?

बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि सरकार को रंग बदलने का फैसला लेने का अधिकार है. क्या हुआ अगर रंग बदल दिया गया? सत्ता में आने के बाद वे जो चाहें, कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद थे और जिस विषय पर जवाब देना था, उसका उत्तर पहले से तय व्यवस्था के तहत केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दिया।

केसरिया को लेकर उठ रहे विवाद पर उन्होंने कहा, यह सब छोटी मानसिकता का परिचायक है। अगर भगवा रंग की जर्सी हो गई, तो इसमें क्या दिक्कत है?उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी केसरिया रंग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि भारत क्रांतिकारियों की धरती है और केसरिया रंग देश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके मुताबिक इस रंग पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

सपा सांसद ने भी उठाए सवाल

वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने इस प्रस्तावित बदलाव पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लंबे समय से भारतीय खेल टीमों, खासकर क्रिकेट और हॉकी में नीला रंग देश की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय टीम किसी बड़े टूर्नामेंट में उतरती है तो ब्लीड ब्लू का नारा लगाया जाता है। उनके अनुसार नीला रंग एक तटस्थ और प्रेरणादायक रंग रहा है तथा इस तरह का बदलाव अनावश्यक विवाद पैदा कर सकता है. सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और रंगों तथा प्रतीकों को राजनीतिक नजरिए से देखने से बचना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने भी कहा कि जिस जर्सी को पहनकर भारतीय टीम वर्षों तक खेलती रही है, उससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का भावनात्मक जुड़ाव होना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव के पीछे की वास्तविक वजह हॉकी इंडिया फेडरेशन ही स्पष्ट कर सकता है।

लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों से हटाने की कोशिश- सपा प्रवक्ता

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इसे केवल खेल का मुद्दा न बताते हुए राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने काम के बजाय प्रतीकों और पहचान से जुड़े मुद्दों को सामने लाकर राजनीति करती है और ऐसे फैसलों के जरिए लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों से हटाने की कोशिश करती है.इस पूरे विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने कहा कि जर्सी का रंग चाहे नारंगी हो, हरा हो या कोई अन्य, असली महत्व खिलाड़ियों के प्रदर्शन का होता है. उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खिलाड़ी लंबे समय तक सफेद कपड़ों में खेलते रहे हैं और सफलता कभी कपड़ों के रंग से नहीं, बल्कि मैदान पर किए गए प्रदर्शन से तय होती है।
  • Related Posts

    वैभव सूर्यवंशी को युवराज सिंह से लेनी चाहिए ट्रेनिंग : योगराज सिंह
    • TN15TN15
    • July 27, 2026

    भारत के पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह का मानना…

    Continue reading
    INDW vs ENGW: हमारी लड़कियां, लड़कों से बेहतर, टीम इंडिया की ‘ऐतिहासिक’ जीत; इंग्लैंड से गंभीर-अय्यर का लिया बदला   
    • TN15TN15
    • July 13, 2026

    भारत ने इंग्लैंड को 270 रनों से हरा…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    छात्रों पर नहीं, आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर एक्शन- रेखा सरकार का ऐलान

    • By TN15
    • July 30, 2026
    छात्रों पर नहीं, आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर एक्शन- रेखा सरकार का ऐलान

    हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर कांग्रेस MP बोले, ‘अब खेल में…’

    • By TN15
    • July 30, 2026
    हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर कांग्रेस MP बोले, ‘अब खेल में…’

    इसी मानसून सत्र में अपनी दो और मांगे भी मनवानी पड़ेंगी सीजेपी को!

    • By TN15
    • July 30, 2026
    इसी मानसून सत्र में अपनी दो और मांगे भी मनवानी पड़ेंगी सीजेपी को!

    असम में बाढ़ की त्रासदी पर डिबेट क्यों नहीं ? 

    • By TN15
    • July 30, 2026
    असम में बाढ़ की त्रासदी पर डिबेट क्यों नहीं ? 

    शिमला में गहराया जल संकट! जरूरत से काफी कम मिल रहा पानी

    • By TN15
    • July 30, 2026
    शिमला में गहराया जल संकट! जरूरत से काफी कम मिल रहा पानी

    ‘पेलेट गन पर पूरी रोक नहीं लगा सकते, वहां कुछ उपद्रवी…’, SC ने केंद्र को दिया नोटिस

    • By TN15
    • July 30, 2026
    ‘पेलेट गन पर पूरी रोक नहीं लगा सकते, वहां कुछ उपद्रवी…’, SC ने केंद्र को दिया नोटिस