मोदी के आगे दो मोदी, मोदी के पीछे दो मोदी, आगे मोदी पीछे मोदी, बोलो कितने मोदी…?

अरुण श्रीवास्तव 

इधर कुछ महीनों से या यूं कहूं कि सालों से ऐसा ही नजारा देखने को ही नहीं सुनने को भी मिल रहा है। पेट्रोल पंप पर मोदी, बस अड्डे पर मोदी, रेलवे स्टेशन पर मोदी, मेट्रो स्टेशन पर मोदी, हवाई अड्डे पर मोदी, मुफ्त राशन के थैले पर मोदी, वैक्सीन सार्टिफिकेट पर मोदी, उज्जवला योजना के विज्ञापन पर मोदी, देश की राजधानी से लेकर गली-कूचों में लगे होर्डिंग्स पर मोदी। टीवी खोलो तो मोदी, चैनल बदलो तो मोदी। सुबह-सुबह दरवाजे पर पड़े अखबार को उठाओ तो मोदी की गारंटी वाले विज्ञापन में मोदी, अंदर के पेजों पर मोदी, खबरों में मोदी।

जी-20 सम्मेलन में मोदी, क्रिकेट मैच के उद्घाटन – समापन पर मोदी। राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में मोदी, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मोदी, बाबा विश्वनाथ कारिडोर के उद्घाटन समारोह में मोदी, मोर को दाना चुगाते हुए मोदी, नये संसद भवन में सिंगोल ले जाते हुए मोदी और निर्माण कार्य का निरीक्षण करतेहुए मोदी! इन सब अवसरों पर मोदी होते हैं वो भी अकेले, बिल्कुल अकेले।

मोदी की इस सर्वव्यापकता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और वर्तमान में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय तो बकायदा उन्हें विष्णु का अवतार बता चुके हैं। सर्वव्यापी विष्णु!

उत्तर प्रदेश जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि नरेंद्र मोदी ही ‘सुरेंद्र मोदी’ हैं यानी वो नरों के ही नेता नहीं अब सुरों (देवताओं) के भी नेता हैं। (बस असुर छूट गए हैं!) अब तो ईश्वर भी कांग्रेस के साथ नहीं है. कांग्रेस को भगवान की भाषा समझनी चाहिए।
याद करिए एक जमाने में कांग्रेस के कद्दावर नेता देवकांत बरुआ ने कहा था कि,” इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा ”। उनके इस बयान की उस समय ही नहीं आज तक निंदा होती है। तब की जनसंघ भी निंदा करती थी और आज की भाजपा भी करती है।
उत्तर भारत में एक कहावत है,” सूप तो सूप बोलय,चलनियौ भी बोलय जेकरे बहत्तर छेद ”। परम ज्ञानी कंगना रनौत भी पिछले काफी समय से मोदी की तारीफों के पुल बांधते नहीं थकतीं। वे हिमाचल के मंडी से भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी हैं। उन्होंने एक अद्भुत जानकारी दी, पीएम मोदी सिर्फ तीन घंटे सोते हैं, एक समय खाना खाते हैं, न उनकी जेब में पैसा रहता है और न ही उनके खाते में पैसे रहते हैं। पहले तो यह प्रचारित कराया गया कि मोदी चार घंटे सोते हैं। बताते चलें कि नेहरू जी चार घंटे सोते थे यह कई लोगों के मुख से सुनने को मिल जाएगा। कुछ इतिहासकार भी इस बात की पुष्टि करते हैं। अब कंगना रनौत यह बात कहतीं हैं तो सवाल भी तो उठेंगे? सवाल यह है कि, यह जानकारी उन्हें कहां से मिली, उन्हें किसने बताया? पीएम कार्यालय ने, पीएम के निजी सचिव ने? पीएम मोदी के खाते में पैसे रहते हैं या नहीं यह भी जानना आसान नहीं है। वैसे नामांकन पत्र दाखिल करते समय मोदी जी ने अपने माली हालत के विषय में बताया होगा ही। वो तो पाकेट की जानकारी देती हैं कि, उसमें क्या -क्या रहता है। जहां तक मेरा अनुभव है कि इस तरह की जानकारियां पारिवारिक सदस्य देते हैं न कि बाहरी। मसलन लाल बहादुर शास्त्री जी के पास दो ही धोती होती थी अपनी मास्को यात्रा के दौरान उन्होंने कोट खरीदा था यह जानकारी उनकी पत्नी ललिता शास्त्री व कई जानकारियां उनके पुत्रों सुनील शास्त्री एवं अनिल शास्त्री ने विभिन्न अवसरों पर दी थी। यह भी पता चला कि शास्त्री जी ने बच्चों के दबाव में पीएनबी से ऋण पर फिएट कार ली थी मरने के समय तक ईएमआई पूरी नहीं चुका पाए।

देश को 2014 के बाद असली आज़ादी मिलने का दावा करने वाली और आजादी के बाद सुभाष चन्द्र बोस पीएम क्यों नहीं बनाए गए जैसे सवाल करने वाली नवरत्नों में से एक कंगना रनौत कहतीं हैं कि न मोदी जी के पॉकेट में पैसा है और न ही उनके खाते में है। तो बताते चलें कि
पीएम मोदी ने नामांकन के एफिडेविट के माध्यम से जो जानकारी दी उसके अनुसार मार्च 2019 तक उनके पास लगभग 39 हज़ार रुपये की नकदी थी। बैंक में 4,143 रुपये जमा हैं। जबकि 2014 में दाखिल शपथपत्र के मुताबिक, उनके पास तकरीबन 33 रुपये कैश, 26.05 लाख बैंक बैलेंस और 33 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट हैं। भारतीय स्टेट बैंक में 2.85 करोड़ रुपये की एफडी है। इसके अलावा पीएम ने एनएससी और एफडी में 3 करोड़ रुपये का निवेश किया है।हलफनामे में अचल संपत्ति को शून्य बताया. साल 2018-19 में उनकी करयोग्य आय 11 लाख रुपये थी जो 2022-23 में 23.5 लाख रुपये हो गई। यानी उनकी करयोग्य आय में दो गुना वृद्धि हुई है। आय किसानों की दुगुनी होनी थी, हुई मोदी जी की!

हालांकि तीन बार मुख्यमंत्री रहने वाले और दस साल तक पीएम रहने वाले के पास इतना धन नगण्य है। यह सिर्फ कंगना के बयान का जवाब है।
बात मुद्दे की, मोदी के नवरत्नों में से एक अन्य हैं संबित पात्रा। ये पेशे से डॉक्टर हैं और ओएनजीसी के भूतपूर्व निदेशक। उड़ीसा से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी हैं। उन्होंने हाल ही में बयान दिया कि, भगवान जगन्नाथ भी मोदी जी के भक्त हैं। इनकी भक्ति का ही नमूना है कि उन्होंने एक बड़े मीडिया हाउस के कार्यक्रम में मोदी को देश का बात (?) दिया था।
रही मीडिया की बात तो इसका एक बड़ा तबका घोषित कर चुका है कि मोदी जी मीडिया के पापा हैं। आजतक की चर्चित ऐंकर अंजना ओम कश्यप ने तो अपने कार्यक्रम हल्ला बोल में बकायदा मोदी जी की तस्वीर लगाकर उसके नीचे ‘मीडिया का पापा” लिख डाला। प्रसून जोशी ने एक साक्षात्कार में पूछा कि, आप इतनी फकीरी कहां से लाते हैं तो दीपक चौरसिया/रूबिका पूछते हैं कि ‘आप बटुआ रखते हैं कि नहीं’। यही रूबिका चीख-चीख कर कहती हैं कि, हां मैं मोदी का बचाव करूंगी डंके की चोट पर करूंगी वगैरह वगैरह।
एक अन्य साक्षात्कार में फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार पूछते हैं कि आप आम कैसे खाते हैं? यही नहीं अपने सवाल को आसान करते हुए पूछ्ते हैं कि,काट कर खाते हैं या चूस कर। गोदी मीडिया के चैनलों पर उनके ऐंकर प्रवक्ताओं के साथ गलबहियां करते हुए विपक्ष से सवाल करते हैं कि, मोदी नहीं तो कौन? विपक्ष से यह भी सवाल किया जाता है कि उनका चेहरा कौन है? सर्वे करने वाली एजेंसियां भी मोदी के सामने राहुल को खड़ा करती हैं जबकि राहुल कांग्रेस में किसी भी पद पर नहीं हैं।
अब सवाल यह भी उठता है कि लोग मोदी – मोदी क्यों न करें जब मादी ही मोदी मोदी करते आ रहे हैं। इस विश्व कप के फाइनल मैच के दौरान कई अखबारों के चित्र परिचय कुछ इस तरह के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टेडियम में विजेता टीम को ट्राफी देते हुए। चुनावी विज्ञापनों में, रैलियों में, साक्षात्कारों में मोदी कहते हैं कि ये मोदी की गारंटी है। अति उत्साह में मोदी जी यह भी कहते हैं कि, मोदी की गारंटी पूरी होने की गारंटी मोदी है’। अधिकतर चुनावी सभाओं रैलियों में वे अपील करते हैं कि आप इन्हें वोट दीजिए आपका एक एक वोट सीधे मोदी को मिलेगा। अभी हाल ही में मोदी ने प्रज्जवल रेवन्ना के जीतने की अपील करते हुए कहा कि आपका हर वोट मोदी के हाथ को मजबूत करेगा। सबसे ज़्यादा हास्यास्पद मोदी का यह कहना कि यह मोदी का परिवार है।
दिल्ली में चुनावी सभा में कहा, ‘…यह तो नसीब की बात है, मोदी नसीब वाला है तो अन्य सभा में वही कहते हुए दिखाई देते हैं कि, मोदी है तो मुमकिन है, तो एक अन्य जनसभा में नारे के अधूरे वाक्य को पूरा कराते हैं ‘ अच्छे दिन… स्रोता कहते हैं आ गए’। एक नहीं अनेक अवसरों पर उन्होंने साक्षात्कार लेने वालों के माध्यम से बताया कि, पुतिन की पत्नी ने खुद अपने हाथों से चाय बना कर पिलायी। बिना पूछे ही उन्होंने बताया कि मेरी बराक ओबामा से ‘तू तड़ाक’ में बात होती है। अब पहले के प्रधानमंत्री इस बात को खुद बताते थे या दुभाषिया, पता नहीं। हकीकत क्या है यह भी पता नहीं क्योंकि न पुतिन इसका खंडन या समर्थन करेंगे और न ही ओबामा। शायद इसे ही कहते हैं ‘अपने हाथ से अपना गाल बजाना ‘। अब जब खुद मोदी ही अपनी तारीफों के पुल बांधने लगे तो अन्य तो करेंगे ही। पूर्व कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बकायदा संवाददाता सम्मेलन कर इस बात की जानकारी दी कि मोदी जी ने रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों से बात कर, आग्रह कर युद्ध रुकवा दिया, यही नहीं वे टाइम भी बताते हैं चार घंटे के लिए‌ जबकि कुछ ही दिन बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसका खंडन कर दिया कि ऐसी कोई बात नहीं। बावजूद इसके इस बात का श्रेय अब तक लिया जा रहा है।
चलिए लगे हाथ अपने शहरों, गांवों, मुहल्लों व गली-कूचों में लगे भाजपा के चुनावी पोस्टरों और होर्डिंगों पर डाल लीजिए और पिछले चुनाव में लगे प्रचार के इन साधनों पर अकेले मोदी जी ही काबिज हैं, न पार्टी के अध्यक्ष दिखेंगे, न भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और न ही प्रत्याशियों के‌ फोटो।
इस लेख में इतनी बार मोदी का नाम आया कि आज रात तो मेरे सपने में साक्षात मोदी ही आ गये। हो सकता है कि कल को ईडी आ जाय !!!

  • Related Posts

    भारत में हिरासत में मौतें: कारण, परिस्थितियाँ और पुलिस तथा जेल सुधार की अनिवार्यता
    • TN15TN15
    • August 29, 2026

    एस आर दारापुरी पुलिस या न्यायिक हिरासत में…

    Continue reading
    सत्ता से बेदखल न हुए मोदी और अमित शाह तो देश को बचाना भी हो जाएगा मुश्किल!
    • TN15TN15
    • August 28, 2026

    आज़ादी की इस दूसरी लड़ाई में आंदोलित युवाओं…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

     ए मेरे प्यारे बामन ..

    • By TN15
    • August 29, 2026
     ए मेरे प्यारे बामन ..

    नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़, भारत की बढ़ी टेंशन – हिमालय में 200 झीलों से खतरा

    • By TN15
    • August 29, 2026
    नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़, भारत की बढ़ी टेंशन – हिमालय में 200 झीलों से खतरा

    भारत में हिरासत में मौतें: कारण, परिस्थितियाँ और पुलिस तथा जेल सुधार की अनिवार्यता

    • By TN15
    • August 29, 2026
    भारत में हिरासत में मौतें: कारण, परिस्थितियाँ और पुलिस तथा जेल सुधार की अनिवार्यता

    मेरी बड़ी बहन …

    • By TN15
    • August 28, 2026
    मेरी बड़ी बहन …

    सत्ता से बेदखल न हुए मोदी और अमित शाह तो देश को बचाना भी हो जाएगा मुश्किल!

    • By TN15
    • August 28, 2026
    सत्ता से बेदखल न हुए मोदी और अमित शाह तो देश को बचाना भी हो जाएगा मुश्किल!

    अफरीदी ने आमिर को लगाया थप्पड़, ऐसे हुआ था पाकिस्तान के स्पॉट फिक्सिंग कांड का खुलासा

    • By TN15
    • August 28, 2026
    अफरीदी ने आमिर को लगाया थप्पड़, ऐसे हुआ था पाकिस्तान के स्पॉट फिक्सिंग कांड का खुलासा