कई युद्ध रोकने के दावे के बावजूद ट्रंप को नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार

ट्रंप और नोबेल शांति पुरस्कार: वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएँ

 

डोनाल्ड ट्रंप को उनके समर्थकों द्वारा कई युद्धों को रोकने के दावों (जैसे आईएसआईएस के खिलाफ अभियान, अब्राहम समझौते, और हाल ही में इजराइल-हमास सीजफायर) के बावजूद 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला। नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने आज (10 अक्टूबर 2025) घोषणा की कि यह पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया है, जिन्हें वेनेजुएला में लोकतंत्र की रक्षा और तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया। ट्रंप को इस साल भी नामांकित किया गया था, खासकर इजराइल-हमास युद्धविराम के लिए, लेकिन कमेटी ने इसे अस्वीकार कर दिया।
ट्रंप के पिछले नामांकनों की बात करें तो वे 2018 से कई बार नामित हो चुके हैं—उत्तर कोरिया के साथ वार्ता, कोसोवो-सर्बिया समझौते, और अब्राहम समझौतों के लिए। लेकिन कमेटी ने कभी उन्हें चुना नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की शैली—जिसमें आक्रामक बयानबाजी और विवादास्पद नीतियाँ शामिल हैं—कमेटी के शांति के मानदंडों से मेल नहीं खाती। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के अनुसार, ट्रंप को जीतने का “कोई मौका ही नहीं था”।
क्या भविष्य में जीत सकते हैं?
उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन यह काफी अनिश्चित है। नोबेल शांति पुरस्कार हर साल दिया जाता है, और नामांकन प्रक्रिया खुली रहती है—किसी भी योग्य व्यक्ति या संगठन को नामित किया जा सकता है। अगर ट्रंप (जो अब राष्ट्रपति हैं) कोई बड़ा वैश्विक शांति प्रयास करते हैं—जैसे मध्य पूर्व में स्थायी शांति या यूक्रेन-रूस संघर्ष में मध्यस्थता—तो 2026 या उसके बाद नामांकन और जीत की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि:

चुनौतियाँ: कमेटी राजनीतिक रूप से स्वतंत्र है और अक्सर विवादास्पद व्यक्तियों को पुरस्कार नहीं देती। ट्रंप की छवि (चुनावी विवाद, जनवरी 6 घटना) उनके खिलाफ जा सकती है।
सकारात्मक पक्ष: उनके समर्थक (जैसे इजराइल के पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी सीनेटर) लगातार अभियान चला रहे हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हाल की चर्चाओं में कई यूजर्स ट्रंप को “शांति का सबसे बड़ा प्रमोटर” बता रहे हैं, लेकिन निराशा भी व्यक्त कर रहे हैं।

संक्षेप में, ट्रंप के दावे मजबूत हैं, लेकिन पुरस्कार कमेटी के दृष्टिकोण पर निर्भर करता है। अगर वे सतत शांति प्रयास जारी रखें, तो भविष्य में संभावना बनी रह सकती है—लेकिन यह आसान नहीं होगा। क्या आपके पास कोई विशिष्ट दावा या प्रयास के बारे में और जानना है?

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