डॉ. सुनीलम ने पत्र लिखकर की रेलवे प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने ग्राम परमंडल स्थित रेलवे अंडरब्रिज में वर्षा के जलभराव से आवागमन बाधित होने पर स्थाई समाधान करने की मांग को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और डी आर एम को पत्र लिखा है।
लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा है कि ग्राम परमंडल स्थित रेलवे गेट क्रमांक 264-बी पर वर्ष 2024 में रेलवे द्वारा अंडरब्रिज का निर्माण कर पूर्व का रेलवे फाटक बंद कर दिया गया था। यह मार्ग आमला, जौलखेड़ा, खेड़ली बाजार, जंबाड़ा सहित लगभग 150 गांवों के ग्रामीणों, किसानों, स्कूली छात्र-छात्राओं, मरीजों, व्यापारियों एवं दैनिक यात्रियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है।
वर्षा ऋतु प्रारंभ होते ही अंडरब्रिज में लगभग 3 से 4 फीट तक पानी भर जाता है, जिससे लगभग तीन माह तक आवागमन बाधित होता रहता है। जलभराव इतना अधिक होता है कि एक मोटर पंपों से भी प्रभावी जल निकासी संभव नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है तथा कई बार वाहन बीच मार्ग में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सुनीलम ने कहा कि भारतीय रेलवे अपनी तकनीकी दक्षता एवं उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण कार्यों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में इस प्रकार की गंभीर तकनीकी त्रुटि निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाती है तथा आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति भी गंभीर चिंता उत्पन्न करती है। डॉ सुनीलम ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि अंडरब्रिज का उच्चस्तरीय तकनीकी निरीक्षण कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों नागरिकों को वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के ग्रामीण जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।







