अबकी दीपोत्सव 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक

 इस साल 5 नहीं 6 दिन का रहेगा दीपोत्सव, कार्तिक अमावस्या रहेगी दो दिन

दीपक कुमार तिवारी

पटना। इस साल दीपावली की तारीख को लेकर पंचांग भेद हैं, क्योंकि कार्तिक मास की अमावस्या 31 अक्टूबर और 1 नवंबर दो दिन रहेगी। इस वजह से दीपोत्सव 5 नहीं 6 दिन का रहेगा।
इस साल कार्तिक अमावस्या 31 अक्टूबर की दोपहर करीब 3 बजे से शुरू हो जाएगी और अगले दिन यानी 1 नवंबर की शाम करीब 4.40 बजे तक रहेगी। कार्तिक अमावस्या की रात में लक्ष्मी पूजा करने की परंपरा है। इसलिए 31 अक्टूबर की रात लक्ष्मी पूजा करनी चाहिए, क्योंकि 31 की रात में ही अमावस्या तिथि रहेगी और 1 नवंबर की रात में कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी।

29 अक्टूबर को धनतेरस:

मंगलवार, 29 अक्टूबर से दीपोत्सव शुरू हो जाएगा। इस दिन धनतेरस मनाई जाएगी। धनतेरस पर भगवान धनवंतरि जयंती भी मनाते हैं। धनतेरस की रात में यमराज के लिए दीपक जलाने की परंपरा है। इस तिथि पर देवी लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है।

30 अक्टूबर को रूप चौदस:

बुधवार, 30 अक्टूबर को रूप चौदस मनाई जाएगी, इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन उबटन लगाने की परंपरा है। माना जाता है कि इस तिथि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नाम के दैत्य का वध किया था। इसी वजह से इस पर्व को नरक चतुर्दशी कहते हैं।

31 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा:

गुरुवार, 31 अक्टूबर की रात देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाएगी। मान्यता है कि देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था और इस मंथन से कार्तिक मास की अमावस्या पर देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थी। देवी लक्ष्मी ने भगवान विष्णु का वरण किया था। इसके साथ एक अन्य मान्यता ये है कि इस तिथि पर भगवान राम 14 वर्ष का वनवास खत्म करके और रावण वध करके अयोध्या लौटे थे। तब लोगों ने राम के स्वागत के लिए दीपक जलाए थे।

1 नवंबर को स्नान-दान की कार्तिक अमावस्या:

शुक्रवार, 1 नवंबर को भी कार्तिक मास की अमावस्या रहेगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करना चाहिए। दोपहर में पितरों के लिए धूप-ध्यान भी करें। इस दिन शाम को कार्तिक अमावस्या तिथि खत्म हो जाएगी।

2 नवंबर को गोवर्धन पूजा:

शनिवार, 2 नवंबर को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा यानी गोवर्धन पूजा पर्व है। इस दिन मथुरा स्थित गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की परंपरा है। द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने ब्रज के लोगों से कंस की नहीं, गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा था, तब से ही इस पर्वत की पूजा की जा रही है।

3 नवंबर को भाई दूज:

रविवार, 3 नवंबर को भाई दूज है। ये पर्व यमुना और यमराज से संबंधित है। माना जाता है कि इस तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने जाते हैं। यमुना यमराज को भोजन कराती हैं। मान्यता है कि इस तिथि पर जो भाई अपनी बहन के घर भोजन करता है, यमराज-यमुना की कृपा से उसकी सभी परेशानियां दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलता है।

  • Related Posts

    बिहार: क्षेत्रीय भाषा पर जोर, दिवाली के पहले आएगा पैसा, शिक्षा विभाग का फैसला

    बिहार के सरकारी स्कूल के बच्चों को क्षेत्रीय…

    Continue reading
    BJP विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठे, बोले- ‘जब तक सम्राट चौधरी…’  

    लौरिया विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनय बिहारी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाभियोग की मांग को लेकर किसान सभा व किसान एकता संघ का प्रदर्शन

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाभियोग की मांग को लेकर किसान सभा व किसान एकता संघ का प्रदर्शन

    सुनो ए ताना शाह

    सुनो ए ताना शाह

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    सैकड़ों वेंडर्स के प्रदर्शन के बाद सेक्टर-142 थाना पुलिस से समझौता, 20-22 साल पुराने शाहदरा साप्ताहिक मंगल बाजार को लगाने की मिली सशर्त अनुमति

    सैकड़ों वेंडर्स के प्रदर्शन के बाद सेक्टर-142 थाना पुलिस से समझौता, 20-22 साल पुराने शाहदरा साप्ताहिक मंगल बाजार को लगाने की मिली सशर्त अनुमति

    किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

    किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप