‘THEY FIRED THE FIRST SHOT… न्यायपालिका करप्ट है आप ये सिखाना चाहते हो’, NCERT पर भड़के चीफ जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT की कक्षा 8 की नई सोशल साइंस किताब (Exploring Society: India and Beyond – Part 2) पर तीखी नाराजगी जताई है।
किताब में क्या लिखा है?
किताब के चैप्टर “The role of the judiciary in our society” में चुनौतियाँ (Challenges) वाले सेक्शन में लिखा है:

“Corruption at various levels of the judiciary”
Massive backlog of cases (सुप्रीम कोर्ट में ~81,000, हाई कोर्ट में ~62.4 लाख, जिला/निचली अदालतों में ~4.7 करोड़ मामले)
जजों की कमी, जटिल प्रक्रियाएँ, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर

यह भी लिखा है कि शिकायतों के लिए CPGRAMS सिस्टम है, 2017-2021 में 1,600+ शिकायतें आईं, और गंभीर मामलों में संसद इम्पीचमेंट कर सकती है। साथ ही कहा गया है कि गरीबों के लिए यह न्याय तक पहुँच को और मुश्किल बना देता है, इसलिए पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं।
CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?

“They fired the first shot… न्यायपालिका करप्ट है, आप ये सिखाना चाहते हो?”
“मैं किसी को भी इस संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं दूँगा।”
“यह deliberate और calculated move लगता है… deep-rooted attack।”
“Class 8 के बच्चों को यह सिखाया जा रहा है कि judiciary corrupt है। पूरे देश के हाई कोर्ट जज परेशान हैं, मुझे कॉल्स और मैसेजेस आ रहे हैं।”
“जो भी हो, कितना भी ऊँचा हो, कानून अपना काम करेगा।”

CJI ने suo motu cognizance लिया और मामले को 27 फरवरी को सुनवाई के लिए लिस्ट किया।
NCERT और सरकार की प्रतिक्रिया

NCERT ने माफी माँगी, कहा “गलती हो गई, unintentional mistake”।
किताब का वितरण तुरंत रोक दिया गया (2.25 लाख कॉपी छपी थीं, ज्यादातर वापस मँगवाई जा रही हैं)।
विवादित चैप्टर rewrite किया जाएगा।
Solicitor General तुषार मेहता ने कोर्ट में आश्वासन दिया कि चैप्टर बनाने वाले दो लोगों को भविष्य में किसी मंत्रालय से नहीं जोड़ा जाएगा और डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी कंटेंट हटाया जाएगा।

क्यों विवाद?
CJI का तर्क: 13-14 साल के बच्चों को “judiciary corrupt है” का मैसेज देना संस्था की साख पर सीधा हमला है। सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने भी इसे उठाया।
विपरीत पक्ष: पेंडेंसी और जजों की कमी वाकई बड़ी समस्या है (5 करोड़+ मामले लंबित), निचली अदालतों में भ्रष्टाचार की शिकायतें आम हैं, लेकिन स्कूली किताब में phrasing और selectivity पर सवाल उठ रहे हैं।
अपडेट (26 फरवरी शाम तक): NCERT ने किताब रिकॉल कर ली, चैप्टर हटाने/संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू। कोर्ट 27 फरवरी को फिर सुनवाई करेगा।

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