कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में कहा कि कर्नाटक कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है और पार्टी एकजुट है। उन्होंने बेंगलुरु में विधायकों के साथ कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला की बैठक के बाद प्रेस से बात करते हुए कहा, “मेरा कर्तव्य पार्टी को और मजबूत करना है। हमें स्थानीय निकाय चुनावों और 2028 के विधानसभा चुनावों पर ध्यान देना है। कांग्रेस में कोई समूह नहीं हैं, हम एकजुट हैं।” यह बयान उन अटकलों के जवाब में आया, जिसमें कुछ विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया था। शिवकुमार ने यह भी कहा कि जो विधायक ज्यादा बोल रहे हैं, उनके खिलाफ पार्टी हाईकमान कार्रवाई करेगा, और उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों को खारिज कर दिया।
हालांकि कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच चल रही तनातनी की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। कुछ विधायकों, जैसे इकबाल हुसैन, ने दावा किया कि करीब 100 विधायक शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में हैं, जबकि सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी सरकार “पांच साल तक चट्टान की तरह मजबूत” रहेगी। इन बयानों से साफ है कि पार्टी के भीतर कुछ तनाव मौजूद है, लेकिन शिवकुमार और सिद्धरमैया दोनों सार्वजनिक रूप से एकता का संदेश दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, शिवकुमार के हालिया बयान कर्नाटक कांग्रेस में कड़वाहट को कम करने और एकजुटता दिखाने की कोशिश का हिस्सा प्रतीत होते हैं, लेकिन आंतरिक मतभेदों को पूरी तरह खत्म करना अभी चुनौती बना हुआ है।






