अभिजीत पाण्डेय
पटना। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने विरोधियों पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि हम बिहार इस बार जनता का ठेका लेकर आए हैं ताकि जनता के लिए काम कर सकें। अभी तरकस में कई तीर बाकी है। बिहार में कई लोग कह रहे हैं कि पदयात्रा हो गई अब क्या करेंगे ? मैं उनको बतला दूं कि अभी इससे बड़ा बुलेट दागना बाकी है।
उन्होंने कहा कि जब हम पदयात्रा में आए थे तो एक से 50 लोगों के साथ आए थे, लेकिन आज हजारों से भी ज्यादा लोग जन सुराज के साथ जुड़ गए हैं। बिहार के अन्य पार्टियों को समीकरण बनाने दीजिए। कोई एमवाई समीकरण बना रहा है, कोई पीवाई बना रहा है, कोई ‘ए टू जेड’ बना रहा है। आप देखियेगा एक ही समीकरण होगा वो होगा जन बल का समीकरण। देश में जन बल के आगे कोई समीकरण नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि राजनीति सिर्फ समीकरण की बात करने से नहीं होती बल्कि जनता का विश्वास जीतना बहुत जरूरी है। अभी सरकार को बदले कुछ ही महीने हुए हैं और आप देख रहे होंगे कि बिहार से दिल्ली तक नेताओं में छटपटाहट होने लगी है। ऐसा इसलिए हो पा रहा क्योंकि बिहार में जमीन पर लोगों को जन सुराज की ताकत दिख रही है। मुझे अगर कोई धंधेबाज कह रहा है तो मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि हां मैं इस बार बिहार के लोगों और बिहार को सुधारने का काम लिया हूं।
प्रशांत किशोर पार्टी बनाने को लेकर पटना में बैठक करने जा रहे हैं। 28 जुलाई को जन सुराज अभियान के पदाधिकारियों के साथ और चार अगस्त को संगठन के युवा पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वहीं, इस बैठक को लेकर प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि जिस दिन बिहार के नेताओं ने जन सुराज से जुड़ी जमीनी हकीकत देख ली, उस दिन उन लोगों के अंदर बेचैनी और बढ़ जाएगी।







