दुनिया को एक लाख करोड़ पेड़ों की ज़रूरत

रमेश शंकर झा

दरभंगा। वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी (डब्ल्यूएनडी) के तत्ववाधान में पर्यावरणीय नागरिकता विषय पर जागरूकता अभियान शिशो पूर्वी करकौली, शिवसागर घाट व जीवछ घाट में चलाया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चलाये गये इस अभियान में लेखक और पृथ्वी अधिकार कार्यकर्ता डॉ. जावैद अब्दुल्लाह ने लोगों को सम्बोधित करते हुये कहा कि राष्ट्र-राज्य (नेशन-स्टेट) की मानव जनित नागरिकता के साथ अब प्रकृति प्रदत्त पर्यावरणीय नागरिकता के अधिकार और कर्तव्यों पर भी शिक्षित और संकल्पित होने की आवश्यकता है।

सब कुछ सरकार पर नहीं छोड़ सकते। आस-पास के पर्यावण को हरा-भरा स्वच्छ रखने की चिन्ता स्वयं करें। यह केवल इस पृथ्वी के लिये ही नहीं बल्कि आपके और बच्चों के स्वास्थ्य के लिये भी बेहद ज़रूरी है। एक अन्य सभा में डॉ. अब्दुल्लाह ने कहा कि कार्बन डाइऑक्साइड मुख्य गैस है जो ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती है।

प्रकाश संश्लेषण पेड़ों की वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पेड़-पौधे वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बोहाइड्रेट में बदलते हैं; जिसका उपयोग वे तने, पत्तियों और जड़ों को बनाने के लिए करते हैं। एक सवाल के जवाब में डॉ. अब्दुल्लाह ने कहा कि भारत में केवल 35 अरब पेड़ बचे हैं। आज देश को पाँच सौ करोड़ पेड़ों की और पूरी दुनिया को कम से कम एक लाख करोड़ पेड़ की आवश्यकता है।

आह्वान करते हुये डॉ. अब्दुल्लाह ने कहा कि धरती पर लगभग आठ अरब लोग हैं। हरेक व्यक्ति अगले 20 वर्षों तक हर साल एक पेड़ लगाये, तो इससे 160 बिलियन नए पेड़ लगेंगे। इस तरह एक ग़रीब आदमी भी धरती पर एक पेड़ लगाकर मानवता ही बल्कि पूरी सृष्टि का कल्याण कर सकता है। कभी-कभी बदलाव धीमा होता है, पर लोग मिलकर इसे सम्भव बना सकते हैं।

अगर आप पेड़ नहीं लगा सकते तो अनावश्यक पेड़ों को कटने से बचायें। यह भी संसार की उतनी ही बड़ी सेवा होगी। शिशो पूर्वी करकौली के ग्रामीण वासियों ने नदी की समस्या रखते हुए बताया कि दूर कहीं फैक्ट्री के वेस्टेज से बागमती नदी (दरभंगा) का पानी गंदा हो रहा है।

वहीं जीवछ घाट की महिलाओं ने घाट को अधूरा बनाकर छोड़ देने की समस्या बताई, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी कठिनाई होती है। इस अवसर पर रंजीत दास, कैलाश सहनी, सिंहेश्वर सहनी, जगतारण देवी, इंद्रा देवी, बेचनी देवी एवं डब्ल्यूएनडी से इंटर्नशिप कर रहे लवली प्रोफ़ेशनल यूनिवर्सिटी के बी.टेक छात्र अमन कुमार आदि उपस्थित थे।

  • Related Posts

    छाती दबाना और सलवार उतारना रेप नहीं! तो क्या है कानून में बलात्कार की परिभाषा?  
    • TN15TN15
    • July 16, 2026

    पटना हाईकोर्ट की एक हालिया कानूनी टिप्पणी ने…

    Continue reading
    बंटी यादव हत्याकांड: बिहार में आमरण अनशन पर बैठेंगे परिजन, आरोपियों को कड़ी सजा की करेंगे मांग
    • TN15TN15
    • July 16, 2026

    बिहार में पटना के करबिगहिया में बंटी यादव…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कमिश्नरी रीवा में सोनम वांगचुक के अलोकतांत्रिक हिरासत के विरोध में धरना

    • By TN15
    • July 18, 2026
    कमिश्नरी रीवा में सोनम वांगचुक के अलोकतांत्रिक हिरासत के विरोध में धरना

    सोनम वांगचुक का अनशन को भ्रमजाल का हिस्सा? केशव प्रसाद मौर्य बोले- जनता भ्रम में नहीं आएगी

    • By TN15
    • July 18, 2026
    सोनम वांगचुक का अनशन को भ्रमजाल का हिस्सा? केशव प्रसाद मौर्य बोले- जनता भ्रम में नहीं आएगी

    Delhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!

    • By TN15
    • July 18, 2026
    Delhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!

    ‘गाड़ी में सपा का झंडा लगा लें…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी के मंत्री की सलाह

    • By TN15
    • July 18, 2026
    ‘गाड़ी में सपा का झंडा लगा लें…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी के मंत्री की सलाह

    भारत में जंतर-मंतर का विरोध-प्रदर्शन क्यों एक जन-आंदोलन नहीं बन पाया?

    • By TN15
    • July 18, 2026
    भारत में जंतर-मंतर का विरोध-प्रदर्शन क्यों एक जन-आंदोलन नहीं बन पाया?

    सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने लिखी चिट्ठी, कहा- ‘जांच रिपोर्ट नहीं मिली, भरोसा कम…’

    • By TN15
    • July 18, 2026
    सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने लिखी चिट्ठी, कहा- ‘जांच रिपोर्ट नहीं मिली, भरोसा कम…’