उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने युवाओं और खासकर Gen-Z वोटर्स पर फोकस बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी भी युवाओं और छात्रों के बीच सीधे पहुंच बनाने की तैयारी में है। पार्टी जल्द ही युवा योद्धा सम्मेलन अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में होने वाले इस अभियान के जरिए युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर जोर रहेगा। सम्मेलन में हर जिले के पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को युवाओं को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य दिए जाने की तैयारी है।
पश्चिमी यूपी से अभियान शुरू करने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी अपने इस अभियान की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कर सकती है. इसके लिए पार्टी के स्तर पर अंदरखाने तैयारियां तेज कर दी गई हैं, अभियान के दौरान छात्रों और युवाओं के बीच रोजगार, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं पर दर्ज मुकदमों जैसे मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।
सपा हमेशा युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय रही
समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता पूजा शुक्ला ने कहा कि पार्टी लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर सक्रिय रही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में रही हो या विपक्ष में, युवाओं और छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है।
पूजा शुक्ला ने कहा कि सपा सरकार के दौरान युवाओं और छात्रों को मंत्रिमंडल और संगठन में जगह दी गई। विधायक और लोकसभा चुनाव के टिकट में भी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई। मौजूदा सरकार में युवाओं पर फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं और छात्र संघ पर ताले लगाए जा रहे हैं। पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी समाजवादी पार्टी लगातार सरकार को घेरती रही है।
पेपर लीक से लेकर स्कूल बंद होने तक मुद्दे उठाएगी सपा
सपा प्रवक्ता ने कहा कि पेपर लीक के मामलों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुकलेट जारी कर सरकार से सवाल पूछे थे। इसके अलावा स्कूलों के बंद होने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है।
अब पार्टी इन मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच नया अभियान चलाने की तैयारी में है। खासतौर पर Gen-Z यानी नई युवा पीढ़ी को संगठन से जोड़ने और उनके मुद्दों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाने पर फोकस किया जाएगा।







