सहारा-अडानी डील पर हुई सुनवाई में सराहनीय रहा सुप्रीम कोर्ट का रुख!

सीजेआई ने कहा – सभी के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी, अब 17 नवम्बर को होगी सुनवाई

नई दिल्ली। आदत से मजबूर सहारा प्रबंधन फिर से सुप्रीम कोर्ट की आंख में धूल झोंकने चला था कि मुंह की खानी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुनवाई करने से पहले सभी के अधिकार देखने होंगे। दरअसल सुप्रीम कोर्ट भी जानता है कि सहारा की सम्पत्ति की जो लिस्ट सौंपी गई है। उसमें से फेयर सम्पत्ति बहुत कम है। उदाहरण के तौर पर लखनऊ में सहारा शहर सील है पर सुप्रीम कोर्ट में जिस याचिका पर सुनवाई हुई। उस याचिका में यह अडानी ग्रुप को दी जाने वाली 88 सम्पति में सहारा शहर भी है। यह वजह रही कि जब अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एक एक कर सहारा की संपत्ति बेचना संभव नहीं है। इसलिए सम्पत्ति को एक साथ बेच दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाते हुए कहा कि संपत्तियों पर कोई फैसला लेने से पहले सभी के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी है।
दरअसल सहारा इंडिया ग्रुप की संपत्तियों को बेचने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।  अदालत में अडानी के साथ-साथ सेबी और सहारा ग्रुप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी दलील पेश की। सेबी ने कहा कि पहले पुराने बचे अमाउंट को जमा करना होगा। उसके बाद ब्याज का भी पैसा है। सहारा ग्रुप को लेकर सिब्बल ने दलील पेश की तो CJI ने कहा कि सभी के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी। सहारा ग्रुप की संपत्तियों की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई ने कहा कि सभी के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी है। मतलब कर्मचारियों और निवेशकों की देनदारी भी देखी जाएगी। सहारा इंडिया ग्रुप से जुड़ी करीब 88 संपत्तियों को बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने सुनवाई करते हुए कई अहम टिप्पणी भी की. सीजेआई ने कहा कि संपत्तियों पर कोई फैसला लेने से पहले सभी के अधिकारों को क्रिस्टलाइज करना जरूरी है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सहारा इंडिया ग्रुप की ओर से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा है कि संपत्तियों की बिक्री को लेकर अदालत को हम एक प्लान सुझा रहे हैं। सिब्बल ने कहा कि जिन 88 संपत्तियों को बेचने की बात की जा रही है। उसे एक साथ बेचना फायदेमंद होगा क्योंकि टुकड़ों में कोई खरीदार नहीं मिलेगा. हमें याद रखना होगा कि वर्सोवा में क्या हुआ था?

 

सहारा की याचिका पर SC ने केंद्र को बनाया पक्षकार

 

हमें याद है कि वर्सोवा में क्या हुआ था? बोले सिंब्बल : सिब्बल की इस दलील पर एसजी तुषार मेहता ने कहा है कि यह एक अच्छा सुझाव लग रहा है, लेकिन केंद्र को भी इस पर विचार करना होगा और उसे अदालत में प्रस्तुत करना होगा। हम अदालत से अनुरोध करते हैं कि वो सहकारी समितियों के सचिवों को भी पक्षकार बनाए, फिर हम अपनी बात रख सकते हैं। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन (अमिकस क्यूरी) अदालत को बताया कि इन संपत्तियों में कुछ जमीनें ऐसी हैं जो बेची नहीं जा सकती हैं। उदाहरण के लिए दो जमीनें वेटलैंड हैं। इस पर सीजेआई ने कहा कि अगर वे वेटलैंड खरीद भी लेते हैं तो भी वहां पर निर्माण नहीं कर सकते हैं।

सेबी बोला- सहारा को प्रिंसिपल अमाउंट जमा करना होगा

सेबी (SEBI) की ओर से पेश वकील ने कहा कि सहारा द्वारा संपत्तियां बेची जा सकती हैं, लेकिन बाजार मूल्य के 90 फीसदी से कम में नहीं. अदालत का जैसा निर्देश हो, हमें किसी भी प्रस्ताव की जांच करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि सहारा को प्रिंसिपल अमाउंट जमा करना होगा. आज की तारीख में वे लगभग 9000 करोड़ रुपए के घाटे में हैं.

दलीलों पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दो दिन पहले एक मामला सामने आया था जिसमें 500 करोड़ रुपए वितरित करने का निर्देश दिया गया था. इस पर वकील ने कहा कि वह सहकारी समितियों के लिए था. वहीं, सिब्बल ने कहा कि यह सेबी-सहारा फंड से किया जा रहा है. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि सहारा को पहले कर्मचारियों के दावों और बकाया राशि की स्थिति स्पष्ट करनी होगी.

 

‘सीजेआई बोले- केंद्र और न्यायमित्र सुझाव पर विचार करें

वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि उनके आवेदन में 88 संपत्तियां हैं. हममें से कई लोगों की इससे संबंधित शिकायतें हैं. या तो यह हमें बेची गई है या समझौते हुए हैं. इसकी जांच के लिए एक न्यायमित्र नियुक्त किया जा सकता है. सीजेआई ने कहा कि बेहतर होगा कि केंद्र और न्यायमित्र इस सुझाव पर विचार करें. इसके बाद वकील ने कहा कि पहले सहारा को 9000 करोड़ जमा करने होंगे, फिर ब्याज का सवाल है. इस पर फैसला होना है.

वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने कहा कि 88 संपत्तियों में सभी विवादित नहीं हैं. अगर चाहे तो बेदाग संपत्तियों को अलग किया जा सकता है और उन्हें बेचा जा सकता है. कर्मचारियों और अन्य आवेदनों आदि की अलग से सुनवाई की जा सकती है. संपत्तियां पहले सेबी को बेचने के लिए दी गई थीं, लेकिन उन पर इतने सारे बकाया थे कि वे बेच नहीं पाए. इसलिए अदालत ने सहारा को बेचने के लिए कहा. एक सीलबंद लिफाफा भी है जिसमें सहारा ने 1.6 लाख करोड़ की संपत्तियां की जानकारी दी है. अदालत ने यह भी कहा कि अगर डिबेंचर धारक नहीं मिलते हैं तो पैसा सरकार को दे दें.

 

अडानी के वकील बोले- हम पूरी संपत्ति खरीदने को तैयार, वो सभी क्लेम के साथ

 

सुप्रीम कोर्ट में अडानी प्रॉपर्टीज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि मैंने सभी संपत्तियों को खरीदने का प्रस्ताव रखा है. अन्यथा मुकदमे बाजी का कोई अंत नहीं होगा, यह संघर्ष जारी रहेगा. इसे किसी समिति को भेजा जा सकता है, वे इसकी जांच कर सकते हैं. मैं यह भी कह रहा हूं कि मैं सभी क्लेम के साथ संपत्तियां लूंगा.

सेबी के वकील ने कहा कि हमें हर IA पर एक सूचीबद्ध तरीके से विवरण तैयार करना होगा. फिर पता चलेगा कि कितनी संपत्तियां विवाद में हैं. एक बार सहारा मूल राशि का भुगदान कर दे. इस पर सीजेआई ने कहा कि आप एक ही बात कितनी बार कहेंगे? अगर वे संपत्तियां नहीं बेचेंगे तो पैसा कैसे जमा करेंगे?

  • Related Posts

    कॉकरोच जनता पार्टी के लिए अच्छी खबर, जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया यह फैसला

    दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)…

    Continue reading
    झारखंड हाई कोर्ट ने चपरासी को दिया न्याय! 
    • TN15TN15
    • June 30, 2026

    बचे हुए चाय पत्ती और बिस्कुट घर ले…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Rohini Building Collapsed: दिल्ली के रोहिणी में गिरी बिल्डिंग, कुछ लोगों के दबे होने की आशंका, बारिश के चलते हादसा   

    • By TN15
    • July 8, 2026
    Rohini Building Collapsed: दिल्ली के रोहिणी में गिरी बिल्डिंग, कुछ लोगों के दबे होने की आशंका, बारिश के चलते हादसा   

    इधर ट्रंप ने दी ईरान को तबाही की धमकी, उधर EU भी होर्मुज को लेकर गुस्से से हुआ लाल!

    • By TN15
    • July 8, 2026
    इधर ट्रंप ने दी ईरान को तबाही की धमकी, उधर EU भी होर्मुज को लेकर गुस्से से हुआ लाल!

    इधर ट्रंप ने दी ईरान को तबाही की धमकी, उधर EU भी होर्मुज को लेकर गुस्से से हुआ लाल!

    • By TN15
    • July 8, 2026
    इधर ट्रंप ने दी ईरान को तबाही की धमकी, उधर EU भी होर्मुज को लेकर गुस्से से हुआ लाल!

    नितिन गडकरी के एक्सप्रेस वे दौरे से पहले बड़ा हादसा, खड़ी मिनी बस में घुसा डंपर, एक की मौत, 15 घायल

    • By TN15
    • July 8, 2026
    नितिन गडकरी के एक्सप्रेस वे दौरे से पहले बड़ा हादसा, खड़ी मिनी बस में घुसा डंपर, एक की मौत, 15 घायल

    इतिहास में दर्ज हुआ अर्जेंटीना और इजिप्ट का मैच, रिकॉर्ड बनने के साथ हुआ भयंकर विवाद, मेसी पर लगा आरोप

    • By TN15
    • July 8, 2026
    इतिहास में दर्ज हुआ अर्जेंटीना और इजिप्ट का मैच, रिकॉर्ड बनने के साथ हुआ भयंकर विवाद, मेसी पर लगा आरोप

    बेतिया राज की जमीन और सेलिंग से फाजिल जमीन पर भूमिहीनों और गरीबों को वासगित करो : रवीन्द्र कुमार ‘रवि’

    • By TN15
    • July 8, 2026
    बेतिया राज की जमीन और सेलिंग से फाजिल जमीन पर भूमिहीनों और गरीबों को वासगित करो : रवीन्द्र कुमार ‘रवि’