“बिहार चुनावी रण में पलटवार की राजनीति तेज, तेजस्वी बनाम एनडीए के बीच मुद्दों की होड़”

 दीपक कुमार तिवारी

पटना/नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी मैदान में मुद्दों की जंग तेज होती जा रही है। महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव जहां हर रोज़ नए मुद्दों को हवा दे रहे हैं, वहीं एनडीए के नेता उनका जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। दिलचस्प यह है कि तेजस्वी के हर राजनीतिक तीर का जवाब देने के लिए एनडीए के केंद्रीय मंत्री तक सामने आ रहे हैं, जो यह बताता है कि तेजस्वी का ‘प्लान सीए’ – काउंटर अटैक – अपना असर दिखा रहा है।

 

🔥 तेजस्वी का “क्राइम बुलेटिन” और लालटेन पर निशाना:

 

राजद की ओर से जारी किया गया “अपराध बुलेटिन” इन दिनों सुर्खियों में है। यह बुलेटिन राज्य में बढ़ते अपराधों को उजागर करने का दावा करता है, और तेजस्वी इसे महाजंगलराज की संज्ञा दे रहे हैं। इसका असर इतना हुआ कि कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को खुद मैदान में उतरकर बयान देना पड़ा। उन्होंने कहा, “बिहार अब अपराध और आतंक की प्रयोगशाला बन गया है, जहां पहले संविधान की गूंज थी, अब गोलियों की आवाज सुनाई देती है।” उन्होंने राजद के चुनाव चिन्ह “लालटेन” को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि, “अब यह लालटेन घरों में उजाला नहीं, आग लगाने का प्रतीक बन चुकी है।”

 

🧾 नौकरी और आरक्षण पर टकराव:

 

जब तेजस्वी यादव ने महागठबंधन सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी कर पांच लाख सरकारी नौकरियां और 65% आरक्षण की उपलब्धि गिनाई, तो एनडीए सरकार ने जवाबी चाल चली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने एक के बाद एक बड़े पैमाने पर वैकेंसी का ऐलान कर दिया।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने घोषणा की कि स्वास्थ्य विभाग में 11,925 पदों पर बहाली होगी। इसके अलावा कैबिनेट की हालिया बैठक में 27,000 से अधिक पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई, जिसमें पुलिस विभाग में 19,838 सिपाही की बहाली शामिल है। एनडीए इसे 12 लाख नौकरी देने के संकल्प की दिशा में ठोस कदम बता रही है।

 

 पलायन बना बड़ा चुनावी मुद्दा:

 

बिहार से बड़े पैमाने पर होने वाला श्रमिक पलायन एक बार फिर चुनावी चर्चा का केंद्र बन गया है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि हर साल 3 करोड़ लोग रोजगार के लिए बिहार से पलायन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा श्रम मंत्रालय के पोर्टल पर भी दर्ज है और असल संख्या 5 करोड़ तक हो सकती है।

तेजस्वी के इस बयान पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पलटवार करते हुए कहा, “तेजस्वी सफेद झूठ बोल रहे हैं। पलायन तो उस समय हुआ था जब बिहार में राजद की सरकार थी। लोग जान-माल और प्रतिष्ठा बचाने के लिए राज्य छोड़ने को मजबूर थे।”

बिहार की राजनीति इस समय पलटवार की रणनीति पर केंद्रित है। तेजस्वी यादव अपने तेवर में हैं और एनडीए के रणनीतिकार चौकन्ने होकर हर वार का जवाब दे रहे हैं। मुद्दे चाहे अपराध हो, नौकरी या पलायन – दोनों पक्ष इसे अपने-अपने पक्ष में मोड़ने की पूरी कोशिश में हैं। चुनावी रणभूमि तैयार है, लेकिन असली फैसला जनता के हाथ में है।

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