नारायणी साहित्य अकादमी ने आयोजित किया नामवर अभिनंदन शताब्दी समारोह!

वक्ताओं ने डाला संघर्ष और हिंदी के लिए दिए विशेष योगदान पर प्रकाश, तीन पुस्तकों का किया गया विमोचन

सम्मानित किये गए शिक्षाविद, साहित्यकार और पत्रकार-लेखक

 

नई दिल्ली। रविवार को नारायणी साहित्य अकादमी ने दिल्ली के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष आचार्य नामवर सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में ‘नामवर अभिनंदन शताब्दी समारोह’ का आयोजन किया।
समारोह में प्रो. ओम प्रकाश सिंह ( जवाहर लाल यूनिवर्सिटी), प्रो. विधा सागर सिंह (मोती लाल नेहरू कॉलेज), प्रो. सुधीर प्रताप सिंह (जवाहर लाल नेहरू  यूनिवर्सिटी), राम जन्म शर्मा (एन. सी. आर. टी.), डॉ. रमा शर्मा (प्रिंसिपल हंसराज कॉलेज), डॉ. वेद मित्र शुक्ल (राजधानी कॉलेज) ने नामवर आलोचना के क्षेत्र में ” अपने वक्तव्य द्वारा नामवर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

 

नामवर स्मृति सम्मान से सम्मानित

 

समारोह में देश-विदेश से पधारे जाने-माने एक सौ से ज्यादा साहित्यकारों, रचनाकारों, लेखकों, पत्रकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी शिक्षकों को साहित्य व समाज के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान हेतु ‘नामवर स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। साथ ही हिंदी साहित्य में श्रेष्ठ एवं सर्वोच्च कार्य करने वाली संस्थाओं को संस्था सम्मान प्रदान किया हैं, जिनमे हिंदी गौरव, दिल्ली संस्थापक श्री शैल भदावरी, सविता चड्ढा जन सेवा समिति, अध्यक्ष डॉ. सविता चढ्ढा, हिंदी उर्दू अदबी संगम अध्यक्ष  सैयद अली अख्तर नक़वी, युवा उत्कर्ष मंच अध्यक्ष राम किशोर उपाध्याय, विधा प्रेम संस्कृति निवास अध्यक्ष डॉ. कल्पना पाण्डेय मुख्य रूप से शामिल रहे। अकादमी की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा सिंह ने विशेष रूप से सभी गणमान्य लोगों को सम्मानित किया।

 

 

पुस्तकों का भव्य विमोचन

 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने सुश्री माही मुन्तज़िर की पुस्तक ‘उदासी खा गई, ललित मोहन जोशी की पुस्तक ‘मासूमियत के लिबास’, प्रदीप कुमार सुमनाक्षर की पुस्तक ‘बस यूँ ही’ तीन पुस्तकों का विमोचन किया गया।

 

विचार गोष्ठी

 

कार्यक्रम में उपस्थित अनेक प्रख्यात वक्ताओं ने आचार्य नामवर सिंह को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने उनके जीवन की अनेक घटनाओं पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार बनारस के एक छोटे से गाँव जीयनपुर से निकलकर नामवर जी ने जे.एन.यू. तक का सफर तय किया और ‘नामवर’ बने।  समारोह में आदरणीय श्री राम जनम शर्मा जी नामवर जी से जुड़े अनेको संस्मरण मंच से साँझा किये। उनकी रचनाओं, आलोचनात्मक दृष्टि, राजनीतिक एवं साहित्यिक जीवन पर सारगर्भित चर्चा हुई। कार्यक्रम में साहित्य जगत की अनेक जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति रही और हॉल खचाखच भरा रहा। स्नास्था के सचिव डॉ. प्रदीप सुमनाक्षर व संस्था की दिल्ली अध्यक्ष सुश्री माही मुन्तजिर ने सभी आये हुए अतिथियों का हार्दिक अभिनन्दन व्यक्त किया और भविष्य में  संस्था  के मार्गदर्शन व सहयोग की कामना जताई।
उल्लेखनीय है कि नारायणी साहित्य अकादमी, भारत की स्थापना स्वयं आचार्य नामवर सिंह जी ने अपने कर-कमलों से की थी। वर्तमान में अकादमी की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा सिंह जी हैं, जिनके कुशल मार्गदर्शन में संस्था दिन-रात साहित्य सेवा में निरंतर अग्रसर है।

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