द मदरलैंड का आपातकाल के ऐतिहासिक अंक संघ के प्रचार प्रमुख को सौंपा गया

नई दिल्ली, (विसु)। आज एक ऐतिहासिक दिन इस लिए रहा की दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नए मुख्यालय में “द मदरलैंड” इंग्लिश समाचार पत्र की ऐतिहासिक प्रति 26 जून 1975 के फ़्रेमयुक्त अंक को अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर को तब के सीनियर करेस्पोंडेंट 92 वर्षीय केदार नाथ गुप्ता के द्वारा सौंपा गया। इस प्रति की महता यह है की आपातकाल की विभीषिका को इस संस्करण में प्रकाशित किया गया था। तब के संपादक के आर मलकानी को अरेस्ट करना भी इस की प्रमुख ख़बरों में थीं। के एन गुप्ता का कहना है की यह पहला समाचार पत्र था जिसमें यह खबर प्रमुखता से छपी थी,जबकि बाक़ी सभी समाचार पत्रों तो छापे हीं नहीं।आपातकाल की घोषणा की ख़बरों ने तो पूरे देश में आतंक का वातावरण बना दिया था। इस अवसर पर श्री गुप्ता ने कहा कि सिर्फ़ मदरलैंड ने ही आपातकाल की खबरों को छापा और तब की प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा लगाया गया आपातकाल जिसमें लोकतांत्रिक संवेदनाओं का हनन हुआ था और प्रेस की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित कर दिया गया था। उन्होंने अफ़सोस जताते हुआ कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जब संसद में आपातकाल की चर्चा होती है तो मदरलैंड और श्री मलकानी जी के योगदान को नहीं बताया जाता है। ज्ञातव्य है कि अगर मदरलैंड ने आपातकाल के खबरों का स्पेशल एडिशन नहीं निकाला होता तो ना जाने आपात काल की कई सारी घटनाएँ सामने आती ही नहीं। इसका असर ये हुआ कि मलकानी जी को महीनों तक जेल में रखा गया और यातनाएँ दीं गई। श्री गुप्ता ने यह भी बताया की जब मलकानी जी को गिरफ़्तार कर लिया गया तो उन्होंने डी एन सिंह और मुझे ये सूचना भेजवाई की कल का एडिसन का सर्कुलेशन और पब्लिकेशन ज़रूर होना चाहिए। उनका स्पष्ट कहना था की जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देशाई,एल के आडवाणी, चरण सिंह, चंद्रशेखर, कृष्ण कांत और कितने सारे वरिष्ठ पत्रकार सहित आर एस एस के कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया।श्री गुप्ता ने बताया कि जब हम झंडेवाला स्थित दीन दयाल भवन पहुंचे तो सभी स्टाफ को देखकर खुश हुए और इस तरह से उस दिन के अंक का प्रकाशन संभव हो पाया। लेकिन उन्होंने कहा कि पिछले दिनों संविधान पर हो रहे चर्चा को देखकर बड़ा दुख हुआ कि मदरलैंड के सारे स्टाफ़ ने इतना रिस्क लेकर इस अंक को निकाला लेकिन संविधान पर पार्लियामेंट के बहस में किसी ने भी मदरलैंड और उसके स्टाफ की कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि एक मात्र अखबार था जिसने इतना रिस्क लेकर इस अंक को निकाला था। प्रचार प्रमुख श्री अंबेकर जी ने श्री गुप्ता के इन भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि वे इस अंक के फ्रेम किया हुआ कॉपी कार्यालय में लगवाएँगे और इन सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। इस अवसर पर दैनिक वरिष्ठ पत्रकार और के एन गुप्ता की पुत्री मनोरंजना, मदरलैंड वॉइस के संपादक संजय उपाध्याय, युग संस्कृति न्यास के अध्यक्ष आचार्य धर्मवीर वरिष्ठ पत्रकार अशोक, रजनी और अन्य भी उपस्थित रहे।

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