दिल्ली के द्वारका मोड़ का हाल बेहाल

ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में द्वारका मोड़ जो कि मेट्रो स्टेशन नजफगढ रोड कहा जाता है जिसमें आने जाने वाली सड़क पर जाने आने वाले दूर्लभ है जो कि आए दिन दूर्घटना ग्रस्त है, जो कि आढ़े टेढ़े रिक्शा, रोंग साइड बाइक, फ्रूट की रेहड़िया,गाड़ी मोड़ने की जगह नही है। फुटपाथ पर दुकान वालो का पूरा कब्जा है। जो कि दूर्घटना हो रहे है। जो कि पुलिस बूथ होने के बाद भी कोई ध्यान नहीं।

 

बता दे कि द्वारका मोड़ रेड ​सिग्नल पर आये दिन आढ़े टेढ़े रिक्शा, रोंग साइड बाइक,फ्रूट की रेहड़िया,गाड़ी मोड़ने की जगह नही है। फुटपाथ पर दुकान वालो का पूरा कब्जा रहा है जिससे आने जाने बच्चे से लेकर बुर्जुग महिला और लोगों को आये दिन घायल होते रहते है। जिसमें बाजू में पुलिस बूथ होने पर भी कोई ध्यान नहीं देता आ रहा है।

बता दे कि जिसकी शिकायत बूथ और आप पार्टी नेता नरेद्र बाल्यान, भाजपा पार्टी और कई लोगों से की जा चुकी है। जिसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। बल्कि दूर्घटना बड़ते जा रहा है। जो नजफगढ़ रोड़ पर आये दिन द्वारा मोड़, नवादा, उत्तम नगर पूर्व, पश्चिम तक रोड़ पर आने जाने वालों का डंका लगा है जो कि पुलिस से लेकर ट्राफिक पुलिस तक कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे आये दिन दूर्घटना होती जा रही है। जिस पर आम जनता को चलना दूलर्भ हो गया है।

बुथ पर बैठे पुलिस भी देख कर अंजान
बता दे कि उत्तम नगर से द्वारका मोड़ तक रोज मारपीट और दुर्घटनाए होती जा रही है जिसमें वहां के बुथ पर पुलिस नहीं रहती है और रहने पर व देख कर अंजान बनती है उनसे कोई बात करने की कोशिश भी करता है तो उन्हों बात नहीं की जाती है उन्हें ऐवाईड किया जाता है जो कि फोन पर लगे रहते है और बताया जाता है कि वह अपने अधिकारियों से बात कर रहे है।

गली मोहल्लों में उल्टे सीधे ढंग से दौड़ाते हुए
बता दे कि गली—मोहल्ले में आये दिन छोटी—मोटी बातो पर मार—पीट होते नजर आते है और ई—रिक्शा चलाने वाले नौसिखिए एका—एक कही भी रोक देना और आगे—पीछे ना देखना जिसके कारण दुर्घटना और मार—पीट की नौबत आ जाती है। जिसमें देखा जाए तो ई—रिक्शा को बहोत से लोगों ने खरीद लिया और इसमें गांव से नौसिखिए बच्चें या बुर्जुग लाकर उन्हें चलाने के लिए दे दिया जाता है जिससे वहां उल्टे सीधे ढंग से रोकना और वह भी एका एक रोकने से दुर्घटनाए और मारपीट की वजह बनती जा रही है।

नौसिखिए ई रिक्शाओं को उल्टे सीधे ढंग से दौड़ाते हुए नगर के बीच से निकाल रहे हैं। देखा जाए तो खटारा रिक्शा भी सरपट दौड़ा रहे है। बता दें कि नगर में ई रिक्शा की कुछ ज्यादा तादात हो गई है। जिसकी वजह से रोड भी जाम होने लगा है। नगर में बच्चों की रिक्शा चलाने की वजह से कई बार इनसे दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। इस पर लगाम के लिए शासन ने इनका रजिस्ट्रेशन करने का निर्णय लिया था। नियम यह भी है कि रजिस्ट्रेशन के साथ बीमा भी कराना होगा ड्राइविंग लाइसेंस भी अनिवार्य है। बावजूद इसके सड़कों पर बिना रजिस्ट्रेशन के रिक्शा चलाई जा रही है। लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।

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