कोविड काल में टीबी व अन्य बीमारियों से ग्रसित बरतें खास सावधानी : डा. जैन

 द न्यूज 15 
नोएडा। कड़ाके की सर्दी का मौसम, कोहरा और उस पर कोविड संक्रमण, यह वातावरण स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा नहीं है । ऐसे मौसम में स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार होने का डर बना रहता है। इस लिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है खास तौर पर मधुमेह, टीबी और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से ग्रसित (कोमोर्बिड) लोगों को। यह बात जिला क्षय रोग अधिकारी डा. शिरीश जैन ने कहीं।डा. जैन ने कहा – जनपद में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में टीबी, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा – मधुमेह और टीबी जैसी बीमारियां होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और ऐसे लोगों को कोई भी संक्रमण आसानी से अपनी गिरफ्त में ले लेता है। बेहतर प्रतिरोधक क्षमता के लिए खानपान पर विशेष ध्यान दें। घर में बना खाना ही खाएं। हरी सब्जियां, सलाद और दालों को अपने खानपान में नियमित रूप से शामिल करें और बाहर निकलने से बचें। बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। अच्छी तरह से मॉस्क का इस्तेमाल करें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न  जाएं। सेनिटाइजर अपने साथ रखें और घर में साबुन-पानी से अपने हाथों को 40 सेकंड तक अच्छी तरह से धुलें ।टीबी रोगी न छोड़ें अधूरा इलाजडा. जैन ने कहा – इस समय टीबी रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ध्यान रखें लापरवाही में इलाज बीच में न छूट जाए। उन्होंने जनपद के सभी टीबी रोगियों से अपील की है कि वह किसी भी स्थिति  में इलाज अधूरा न  छोड़ें। टीबी का अधूरा इलाज गंभीर बना सकता है। उपचार शुरू होने पर उसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। पूरा इलाज कराने और सही पोषण से टीबी रोगी पूरी तरह से ठीक हो जाता है।लक्षण नजर आने पर कोविड जांच जरूर कराएंजिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा – वैसे तो इस मौसम में खांसी-जुकाम, बुखार होना आम बात है,लेकिन इन्हें सामान्य मानकर स्वयं उपचार करते रहना ठीक नहीं है। बेहतर हो कि  कोविड जांच करा लें और फिर रिपोर्ट के अनुरूप व्यवहार करें।  कोविड पॉजिटिव हो गए हैं तो परिवार के अन्य सदस्यों के बचाव के लिए उनसे दूर रहें। अपने कपड़े आदि अलग रखें और चिकित्सक की सलाह पर ही उपचार लें।टीबी के लक्षणडा. जैन ने कहा यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी रहती है, खांसी में बलगम के साथ खून आता है, बुखार रहता है, वजन कम हो रहा हो, रात में सोते समय पसीना आता हो, तो यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं। किसी भी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करा सकते हैं। टीबी की जांच और उपचार निशुल्क होता है।

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