स्वामी प्रसाद मौर्या ने छोड़ा योगी का मंत्रालय, लॉबी के साथ जा रहे हैं सपा में!

द न्यूज 15 

नई दिल्ली/लखनऊ। क्या योगी के मंत्रियों को भी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती दिखाई देने लगी है। सहारनपुर में कांग्रेस के नेता इमरान मसूद के अखिलेश में विस्वाश जताने के बाद योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने इस्तीफा दे दिया है।  इस्तीफे के कुछ ही देर बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विटर पर मौर्या के साथ एक तस्वीर शेयर की है।
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ”सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्या एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा, बाइस में बदलाव होगा।” सूबे में होने जा रहे चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्या का इस्तीफा सत्ताधारी दल भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। एक तरफ, दिल्ली में यूपी चुनाव को लेकर भाजपा की बैठक हो रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वामी प्रसाद मौर्या के इस्तीफे ने सत्ताधारी दल के खेमे में खलबली मचा दी है। माना जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्या काफी समय से नाराज चल रहे थे। अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मौर्या समाजवादी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मौर्या के साथ उनके कई समर्थक भी सपा में शामिल हो सकते हैं।

सूत्रों की मानें तो कुछ और विधायक भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य चार बार बीएसपी से विधायक चुने गए और पिछले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थामकर पांचवीं बार विधायक बने थे।
स्वामी प्रसाद के पार्टी छोड़ने और सपा में शामिल होने के बाद कानपुर देहात से बीजेपी विधायक भगवती प्रसाद सागर, स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंच गए हैं। रोशन लाल वर्मा ने तो पार्टी छोड़ने के संकेत भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य मेरे नेता हैं और वह जैसा कहेंगे, वैसा करूंगा। मैं इस बारे में फैसला लूंगा। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि तिलहर विधायक रोशनलाल वर्मा भी भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो सकते हैं।
बसपा छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल :  2017 के विधानसभा चुनाव से पहले ही वह सपा छोड़कर भाजपा में आए थे। इससे पहले वह बीएसपी सरकार में मंत्री भी रहे थे और फिर मायावती को छोड़कर भाजपा में आए थे। पिछड़ी जाति के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की भाजपा में एंट्री को सोशल इंजीनियरिंग का नतीजा माना जा रहा था, लेकिन अब पिछड़े समाज के बड़े नेता के बीजेपी छोड़ने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है।  स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में शामिल होने की जानकारी खुद अखिलेश यादव ने ट्वीट कर जानकारी दी है। अखिलेश यादव ने लिखा, ‘सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।’ स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा कई और नेता एवं विधायक भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। 2017 में उनके भाजपा में आने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के कई समर्थक भी भगवा दल में शामिल हुए थे।

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