दिल्ली के जंतर-मंतर पर लाठी चार्ज करके छात्रों की आवाज़ को दबाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा : देवेन्द्र गुर्जर

देश के इतिहास में छात्र आंदोलनों ने हमेशा सामाजिक परिवर्तन और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया है। जब-जब युवाओं ने अपने अधिकारों, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए आवाज़ उठाई है, तब-तब देश को नई दिशा मिली है। छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। छात्रों पर लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई सरकार की असहिष्णुता तथा आलोचना से घबराहट को दर्शाती है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध को सम्मान दिया जाना चाहिए, न कि उसे बल प्रयोग से दबाया जाना चाहिए।
सरकार को चाहिए कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुने, संवाद के माध्यम से समाधान निकाले और शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करे। लोकतंत्र की मजबूती जनता की आवाज़ सुनने में है, उसे दबाने में नहीं।

देवेन्द्र गुर्जर
जिलाध्यक्ष
भारतीय सोशलिस्ट मंच गौतमबुद्धनगर

  • Related Posts

    नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामले में वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा को जमानत मिली, जेल से छूटने में फंसा ये पेंच?

    प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में हुए…

    Continue reading
    यूपी के स्कूलों का ऑडिट करेगी CJP, सौरभ दास ने युवाओं से की ये अपील

    कॉकरोच जनता पार्टी ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    दिग्गज एक्टर अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

    दिग्गज एक्टर अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

    उमर खालिद तुम्हें कसम है

    उमर खालिद तुम्हें कसम है

    गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

    गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

    इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, ‘पीएम मोदी UPI Tax वापस लीजिए’

    इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, ‘पीएम मोदी UPI Tax वापस लीजिए’

    EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15000 से बढ़कर 25000 हुई वेतन सीमा

    EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15000 से बढ़कर 25000 हुई वेतन सीमा

    यूपी में मानी गई पंचायत सहायकों की बात, मिलेंगे 9000 रुपए महीना, वापस होंगे मुकदमे 

    यूपी में मानी गई पंचायत सहायकों की बात, मिलेंगे 9000 रुपए महीना, वापस होंगे मुकदमे