बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में हुआ 22 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन

– महिला नसबंदी से अधिक आसान पुरुष नसबंदी
– नसबन्दी के लिए फैलाई जा रही है जागरूकता
– अस्थायी संसाधनों का भी किया जा रहा वितरण

बिट्टू कुमार
पश्चिम चम्पारण/बेतिया। जनसंख्या स्थिरीकरण जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में 22 महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ ए के तिवारी की देखरेख में किया गया। जिले के डीसीएम राजेश कुमार ने बताया कि सभी 18 प्रखंडों में सारथी रथ द्वारा महिलाओं को बंध्याकरण एवं पुरुषों को नसबन्दी कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है, वहीं अस्थायी संसाधनों के उपयोग हेतु हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर व अन्य सामुदायिक स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से कैंप लगाकर कंडोम, माला-डी, अंतरा, गर्भ निरोधक गोलियां वितरित की जा रहीं है। उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी में 75 महिला बंध्याकरण एवं 5 पुरुष नसबन्दी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह कुल 1350 महिला बंध्याकरण एवं 90 पुरुष नसबन्दी का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई से 26 जुलाई तक जिले के संस्थानों में 4 हजार 560 संस्थागत प्रसव कराया गया है। इंटरवल पीपीएस 495, आईयुसीडी 85, अंतरा 390 और एक पुरुष नसबन्दी कराई गईं है। राजेश कुमार ने बताया कि परिवार कल्याण मेला, पखनहा, बैरिया में महिलाओं व आमजनों को बढ़ती जनसंख्या पर रोक के उपाय बताये गए। इस दौरान अंतरा, गर्भनिरोधक गोलियां, माला-एन, कंडोम के बारे में आशा, एएनएम द्वारा जागरूक करते हुए उपलब्ध कराया गया।

 

– परिवार नियोजन कराने पर मिलेगी सहायता राशि

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी अमित कुमार ने बताया कि बच्चे दो ही अच्छे, ज्यादा बड़ा परिवार होने पर परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इसलिए खुशहाल परिवार के लिए बच्चों के बीच अंतर रखें, दो बच्चे होने के बाद स्थायी विधियों द्वारा परिवार नियोजन कराए। नसबंदी के लिए पुरुष लाभार्थी को 3000 रुपए एवं महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को 2000 रुपए की प्रोत्साहन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है।

– महिला नसबंदी से अधिक सुरक्षित पुरुष नसबंदी

जिले के सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने बताया कि दंपत्तियों में प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए पुरुषों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रजनन स्वास्थ्य के दृष्टिगत पुरुष नसबंदी बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक मामूली शल्य प्रक्रिया है और महिला नसबंदी की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षितएवं सरल प्रक्रिया है। पुरुष नसबंदी के लिए न्यूनतम संसाधनों एवं बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है।

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